High Court Order: नीट पुनर्परीक्षा का परिणाम रोके जाने से परेशान दो विद्यार्थियों को मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ ने बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को दोनों विद्यार्थियों के परिणाम तत्काल जारी करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति नितीन सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति आबासाहेब शिंदे की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश दिया। परिणाम रोके जाने के खिलाफ दोनों विद्यार्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच किए जाने के कारण दोनों के परिणाम रोक दिए गए थे।
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से न्यायालय को बताया गया कि दोनों विद्यार्थियों के नाम जांच से संबंधित सूची में हैं। हालांकि 28 जुलाई 2026 को दाखिल आरोपपत्र में दोनों को आरोपी नहीं बनाया गया है, बल्कि गवाह के रूप में उनका उल्लेख किया गया है। ऐसे में उनके परिणाम जारी करने पर सीबीआई को कोई आपत्ति नहीं है।
दोनों विद्यार्थियों के लिए प्रवेश आवेदन भरने की अंतिम तिथि 12 अगस्त होने के कारण न्यायालय ने एनटीए को परिणाम तत्काल जारी करने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों याचिकाओं का निपटारा कर दिया गया।
(नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट)