Marathwada Drought Declaration: मराठवाड़ा में बारिश की कमी और लंबे अंतराल के कारण खरीफ फसलों पर संकट गहराने का दावा करते हुए सांसद संदिपान भूमरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूरे मराठवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता और विशेष राहत पैकेज देने की मांग की।
भूमरे ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर सहित मराठवाड़ा के कई क्षेत्रों में अपेक्षित बारिश नहीं हुई है। बारिश में लंबे अंतराल, कम वर्षा और मिट्टी में घटती नमी के कारण फसलों की वृद्धि प्रभावित हुई है। किसानों ने बुआई, बीज, खाद, कीटनाशक और खेती की तैयारी पर बड़ी राशि खर्च की है, लेकिन बारिश के अभाव में यह खर्च बेकार जाने का खतरा है।
उन्होंने सरकार से सभी तालुकों में वर्षा, बुआई, फसलों की स्थिति, जलसाठे, मिट्टी की नमी और संभावित नुकसान का तत्काल वैज्ञानिक आकलन कराने की मांग की है। इसके आधार पर सूखा घोषित कर किसानों को प्रत्यक्ष सहायता देने पर जोर दिया गया है।
भूमरे ने फसलों का तत्काल पंचनामा कराने, विशेष आर्थिक सहायता पैकेज घोषित करने और फसल बीमा की राशि जल्द किसानों के खातों में जमा कराने की मांग की। साथ ही फसल ऋण की वसूली स्थगित कर ऋण पुनर्गठन, बिजली बिल और पानीपट्टी में राहत देने की मांग भी की है।
उन्होंने पशुओं के लिए चारा शिविर, चारा और पेयजल की व्यवस्था तथा अगले मौसम के लिए रियायती या निशुल्क बीज और खाद उपलब्ध कराने की मांग की। भूमरे ने कहा कि सरकार को परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए केवल आश्वासन देने के बजाय युद्धस्तर पर ठोस निर्णय लेकर किसानों को तत्काल आर्थिक राहत देनी चाहिए।