सूखे के बीच बाल विवाह की आशंका पर जागरूकता बढ़ाने की पहल।
नारीशक्ति संवाद जागर अभियान के जरिए आठ जिलों की महिलाओं से संवाद।
पानी, पशुओं के चारे, रोजगार और लड़कियों की शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जोर।
Women Awareness Campaign In Sambhajinagar: मराठवाड़ा में भीषण सूखे की मार के बीच अब बाल विवाह की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। पानी की किल्लत, रोजगार का संकट और परिवारों पर बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कम उम्र की लड़कियों की शादी की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है।
इस संभावित सामाजिक संकट को रोकने के लिए भाजपा गांव-गांव में विशेष जनजागरण अभियान चलाने पर जोर दे रही है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना साकोरे बोर्डीकर ने बाल विवाह की रोकथाम पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता जताई है।
नवरात्र के अवसर पर चलाए जा रहे ‘नारीशक्ति संवाद जागर’ अभियान के माध्यम से महिलाओं की समस्याएं और सुझाव जानने के साथ सूखे के सामाजिक दुष्परिणामों से निपटने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
शनिवार को छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्यमंत्री बोर्डीकर ने बताया कि मराठवाड़ा की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पानी, पशुओं के चारे और रोजगार के साथ सामाजिक समस्याओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।
इस अवसर पर विधायक अनुराधा चव्हाण, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. भागवत कराड, भाजपा शहर अध्यक्ष किशोर शितोले, भाजपा महिला मोर्चा की शहर अध्यक्ष डॉ. उज्ज्वला दहिफले और जिलाध्यक्ष सुरेश बनकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
सूखे के कारण ग्रामीण परिवारों के सामने आजीविका का संकट गहराने की आशंका है। ऐसे समय में बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने और कम उम्र में लड़कियों की शादी करने जैसे फैसलों का खतरा बढ़ सकता है।
इसी आशंका को देखते हुए बाल विवाह की रोकथाम के लिए गांव स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। राज्यमंत्री बोर्डीकर ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए महिलाओं के बीच विशेष अभियान चलाने पर ध्यान केंद्रित किया।
भाजपा की ओर से गांव-गांव में जनजागरण के माध्यम से परिवारों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की पहल की जाएगी। उद्देश्य यह है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण लड़कियों की शिक्षा और भविष्य से समझौता न हो तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर समय रहते रोक लगाने के प्रयास किए जाएं।
नवरात्र के अवसर पर शक्तिपीठ श्री क्षेत्र तुलजापुर से भक्तिपीठ श्री क्षेत्र माहूर तक ‘नारीशक्ति संवाद जागर’ उपक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत धाराशिव, लातूर और बीड जिलों के बाद शनिवार को छत्रपति संभाजीनगर में महिलाओं से संवाद किया गया।
अभियान में गांवों में काम करने वाली महिलाओं, महिला किसानों और भाजपा की महिला पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। बोर्डीकर ने बताया कि अगले चरण में जालना, परभणी, हिंगोली और नांदेड़ जिलों में भी महिलाओं से संवाद किया जाएगा।
सभी आठ जिलों से प्राप्त सुझावों का संकलन कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा। जिन सुझावों पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई संभव होगी, उनके लिए स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया जाएगा।
मेघना साकोरे बोर्डीकर ने कहा कि मराठवाड़ा में उपलब्ध पानी का अगले आठ महीने तक सावधानीपूर्वक उपयोग करना पड़ सकता है। इसलिए जल संरक्षण और जल साक्षरता को लेकर जनजागरण आवश्यक है। पशुधन के लिए चारे की उपलब्धता और ग्रामीण परिवारों के रोजगार संबंधी समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा में सूखे से निपटने की योजना केवल पानी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। ग्रामीण परिवारों की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को समझकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। महिलाओं से मिले सुझावों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाना भी इसी प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।