मराठा क्रांति मोर्चा (सोर्सः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

Sambhajinagar: मराठा आरक्षण को लेकर फिर आक्रामक हुआ मराठा क्रांति मोर्चा, 9 सितंबर से राज्यव्यापी आंदोलन

Maratha Kranti Morcha: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मराठा क्रांति मोर्चा ने 9 सितंबर से महाराष्ट्र में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। मोर्चे ने सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

शफीउल्ला हुसैनी, आंचल लोखंडे

Maratha Reservation Protest: मराठा समाज के आरक्षण के प्रश्न पर मराठा क्रांति मोर्चा ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाते हुए 9 सितंबर से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से पूरे महाराष्ट्र में फैलाने और सरकार पर दबाव बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। शनिवार को आयोजित संयुक्त पत्रकार परिषद में मोर्चा के समन्वयकों ने कहा कि सरकार को मराठा समाज की प्रमुख मांगों पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा राज्यभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।

मोर्चा की ओर से जारी 11 प्रस्तावों में आंदोलन की आगामी दिशा स्पष्ट की गई है। इसमें पूरे समाज से सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए प्रत्येक जिले और तहसील स्तर तक आंदोलन को व्यापक बनाने की बात कही गई है। इसके साथ ही राज्यभर में जनजागृति अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन को शांतिपूर्ण, संयमित और अनुशासित रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

मराठा क्रांति मोर्चा ने जारी किए 11 प्रस्ताव

मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि मराठा समाज के न्यायपूर्ण अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय से भी जुड़ा हुआ है। सरकार की ओर से अपेक्षित निर्णय नहीं होने पर आंदोलन का विषय अन्य मुद्दों की ओर न भटके, इसके लिए सभी घटकों से एकजुट रहने का आग्रह किया गया है।

सामाजिक माध्यमों पर व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और महिलाओं के संबंध में होने वाली बदनामी रोकने का भी आह्वान किया गया। आंदोलन के नाम पर हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने अथवा समाज में तनाव पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आरक्षण समेत शिक्षा-रोजगार के मुद्दे पर आंदोलन का ऐलान

पत्रकार परिषद में मनोज जरांगे पाटील की भूमिका को समर्थन देते हुए कहा गया कि आरक्षण आंदोलन में निर्णय सामूहिक चर्चा से लिए जाएंगे। युवाओं को भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय वैचारिक, संवैधानिक और कानूनी दिशा देने के लिए विभिन्न उपक्रम चलाए जाएंगे। मराठा समाज को संविधान के दायरे में टिकाऊ आरक्षण दिलाने तथा शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के लिए प्रभावी उपाययोजना करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई।

मोर्चा के समन्वयक योगेश शेलके-धामोरेकर, सुनील कोटकऱ-पाटील, डॉ. शिवानंद भानुसे, विनोद काकडे-पाटील, लक्ष्मणबापू शिरसाठ और माणिकराव शिंदे-पाटील सहित प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने राजनीतिक मतभेद दूर रखकर समाजहित के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

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