मनोज जरांगे  (सोर्स: IANS)
छत्रपति संभाजीनगर

यह शायद हमारी आखिरी मुलाकात हो सकती है... सलाइन-पानी का त्याग, मनोज जरांगे की बिगड़ी तबीयत, भावुक हुए पाटिल

Manoj Jarange Hunger Strike: आंदोलन के 17वें दिन मनोज जरांगे ने सलाइन और पानी का त्याग कर दिया है। मुंबई मार्च से पहले भावुक होकर उन्होंने कहा कि यह शायद उनकी आखिरी मुलाकात या विदाई हो सकती है।

गोरक्ष पोफली

Manoj Jarange Health Deteriorates: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल ने अपने अनशन के 17वें दिन बेहद भावुक अपील की। पाटिल ने बताया कि उन्होंने सलाइन और अन्य चिकित्सा सहायता लेना बंद कर दिया है, जिससे उनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

मुंबई की उनकी आगामी यात्रा महाराष्ट्र के लोगों के साथ उनकी आखिरी मुलाकात भी हो सकती है।

समर्थकों से आखिरी मुलाकात और संयम की अपील

मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, आज मेरे अनशन का 17वां दिन है। सलाइन हटाने के बाद पेट में फिर से जलन शुरू हो गई है। मैं मुंबई के लिए लगभग अकेला निकलूंगा, मेरे साथ केवल चार-पांच साथी होंगे। मैं ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा हूं, इसलिए रास्ते में मेरे स्वागत के कार्यक्रम आयोजित न किए जाएं। अगर मुझमें ताकत होगी तो मैं लोगों से बात करूंगा।

आप मुझसे मिलने आ सकते हैं। यह शायद हमारी आखिरी मुलाकात हो सकती है। सड़कों पर आकर मुझे आशीर्वाद दें, लेकिन अभी मुंबई मार्च में शामिल न हों। यह गोदावरी क्षेत्र और महाराष्ट्र से मेरी आखिरी विदाई भी हो सकती है।

समाज के अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए संघर्ष

उन्होंने मराठा समाज से संघर्ष जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि समुदाय को किसी भी हाल में हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने कहा, मेरा शरीर जहां गिरे, गिर जाए, लेकिन मराठा समाज इतनी मजबूती से लड़ाई लड़े कि आने वाली पीढ़ियां गर्व से कहें कि वह मर गया, लेकिन झुका नहीं। मैं यूं ही मरना नहीं चाहता, बल्कि अपने समाज को उसका अधिकार दिलाते हुए मरना चाहता हूं। समाज की प्रतिष्ठा पर आंच नहीं आनी चाहिए।

सरकार और राजनीतिक चालों पर तीखा हमला

जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मराठा आंदोलन को कमजोर करने के लिए राजनीतिक रणनीति अपनाई जा रही है। समुदाय को सरकार की हर चाल का जवाब देना होगा। मराठा आंदोलन को बदनाम करने और उसे दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन समाज को संगठित रहना चाहिए।

नेतृत्व की निरंतरता और सही राजनीतिक चयन

उन्होंने कहा कि मराठा समाज में नेतृत्व की कोई कमी नहीं है। यदि एक नेता नहीं रहेगा तो दूसरा सामने आएगा। उन्होंने समाज से अपील की कि वे उसी व्यक्ति या दल का समर्थन करें जो आरक्षण दिलाने में मदद करे। केवल व्यक्तिगत राजनीतिक पसंद से समाज का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा।

जरांगे पाटिल ने दावा किया कि 5.5 करोड़ मेहनतकश मराठा किसी भी समय मुंबई को रोक सकते हैं, जबकि राजनीतिक और आर्थिक रूप से प्रभावशाली वर्ग आबादी का एक छोटा हिस्सा है।

चिकित्सा सहायता बंद करने का फैसला

उन्होंने बताया कि सरकार और समाज की अपील पर उन्होंने कुछ समय के लिए चिकित्सा सहायता स्वीकार की थी, लेकिन मांगों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने के कारण दोबारा इलाज लेने से इनकार कर दिया। पिछले सात-आठ दिनों तक सलाइन की वजह से उनका ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर सामान्य बना हुआ था, लेकिन अब सलाइन और पानी बंद करने के बाद शरीर में तेजी से बदलाव हो रहे हैं।

मुंबई यात्रा और समर्थकों के लिए विशेष निर्देश

मुंबई के लिए बिना औपचारिक पुलिस अनुमति के रवाना होने की तैयारी कर रहे जरांगे पाटिल ने अपने समर्थकों से कहा कि वे उनके स्वागत में माला या शॉल न पहनाएं, क्योंकि इससे संक्रमण और रक्तचाप बढ़ने का खतरा रहता है। उन्होंने लंबे मंच बनाने के बजाय रास्ते में छोटे विश्राम केंद्र बनाने की सलाह दी, जहां वे यात्रा के दौरान कुछ समय आराम कर सकें।

उन्होंने समर्थकों से यह भी अपील की कि वे अभी उनसे मिलने के लिए पैसे खर्च न करें। इसके बजाय अंतिम और बड़े मुंबई मार्च के लिए धन और वाहनों की व्यवस्था बचाकर रखें।

- एजेंसी इनपुट से

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