Chhatrapati Sambhajinagar Mahavitaran Electricity Theft: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान महावितरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने की एक गंभीर घटना सामने आई है। न्याय नगर क्षेत्र में मीटर जांच के लिए पहुंची महावितरण की संयुक्त टीम को न केवल गालियों का सामना करना पड़ा, बल्कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, 2 सितंबर को महावितरण के गारखेड़ा उपविभाग की एक विशेष टीम पुलिस सुरक्षा के साथ न्याय नगर क्षेत्र में बिजली मीटरों की जांच के लिए निकली थी। अभियान का उद्देश्य बिजली मीटरों की जांच करना और बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करना था।
इस टीम महावितरण के गारखेड़ा उपविभाग के अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता संतोष अधिकारी, सहायक अभियंता एस.एल. मेंढे, पल्लवी पाटील, निलेश पन्नाभट्टी, ओमप्रकाश महाजन, शेख जोहरा, उजगरे, लाइनमैन अब्दुल हमीद, दांडगे, पाखरे तथा एनसीसी कंपनी के मीटर बदलने वाले कर्मचारी और छत्रपति संभाजीनगर के पुलिसकर्मी शामिल थे।
दोपहर करीब 4.30 बजे एल. डी. सोनवणे और गणेश विष्णु जाधव के घरों में लगे मीटरों की जांच की गई। दोनों मीटर सामान्य गति से कम चलते पाए गए। इसके बाद विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए मीटर जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। आरोप है कि दोनों ने इसका विरोध करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से गाली-गलौज की तथा उन्हें देख लेने की धमकी दी।
इसके बाद बिजली कंपनी महावितरण के दल ने पुंडलिक नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता संतोष अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने सोनवणे और गणेश जाधव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।