सरकारी जमीनों के अतिक्रमण की SIT जांच, टोटल स्टेशन सर्वे के बाद हटेगा कब्जा सोर्स: सोशल मीडिया
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर में सरकारी जमीन दबाने वालों पर बड़ा एक्शन! SIT करेगी जांच, टोटल स्टेशन सर्वे से हटेगा कब्जा

Chhatrapati Sambhajinagar SIT Land Encroachment Probe: छत्रपति संभाजीनगर संभाग में सरकारी जमीनों के अतिक्रमण की SIT जांच होगी। मूल दस्तावेजों की जांच के बाद टोटल स्टेशन सर्वे कर अतिक्रमण हटाया जाएगा।

मनीषा बोंदरे

Chhatrapati Sambhajinagar Government Land Encroachment SIT Investigation: छत्रपति संभाजीनगर संभाग में सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण की जांच अब एसआईटी के माध्यम से होगी। मूल दस्तावेजों की जांच के बाद टोटल स्टेशन सर्वे और पंचनामा तैयार किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाकर जमीन सरकार के कब्जे में लेने की कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी जमीनों की पहचान और जांच शुरू

छत्रपति संभाजीनगर जिले और संभाग में सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संभाग की अतिक्रमित सरकारी जमीनों की पहचान कर उनकी जांच विशेष जांच दल यानी एसआईटी के माध्यम से कराने की तैयारी है।

विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने विभागीय आयुक्त कार्यालय के पास स्थित जिला परिषद की जमीन के निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संबंधित जमीनों के मूल दस्तावेज मंगाकर उनकी जांच की जाएगी। इसके बाद मौके की वास्तविक स्थिति का सर्वे कराया जाएगा।

कैलाश नगर, चिकलथाना और दिल्ली गेट पर नजर

विभागीय आयुक्त ने जिला परिषद कार्यालय और उससे संबंधित जमीन का निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व उपायुक्त रीता मेत्रेवार समेत विभागीय आयुक्त कार्यालय और नगर सर्वे विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

जी. श्रीकांत ने बताया कि कैलाश नगर, चिकलथाना और दिल्ली गेट क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की जानकारी सामने आई है। संबंधित जमीनों के मूल दस्तावेज मंगाए गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

टोटल स्टेशन सर्वे के बाद पंचनामा

प्रशासन केवल दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई नहीं करेगा। प्रत्येक अतिक्रमित सरकारी जमीन का टोटल स्टेशन सर्वे कराया जाएगा। इससे जमीन की वास्तविक सीमा और वर्तमान स्थिति का निर्धारण किया जाएगा।

सर्वे के बाद मौके पर पंचनामा तैयार होगा और नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कर उसका सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करना है।

दोबारा हुए सड़क अतिक्रमण भी हटेंगे

जी. श्रीकांत ने कहा कि महानगरपालिका आयुक्त रहते हुए शहर में सड़क अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। बाद में कुछ स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों के लिए जगह की कमी है, जबकि दूसरी ओर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है। ऐसे में सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कर उसका उपयोग आवश्यक कार्यों के लिए किया जाना जरूरी है।

जिला परिषद की जमीन का होगा उपयोग

निरीक्षण के दौरान जिला परिषद परिसर में अस्वच्छता मिलने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि 2 अक्टूबर तक परिसर की पूरी सफाई नहीं होने पर उपविभागीय अभियंता पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए।

उन्होंने बताया कि जिला परिषद कार्यालय स्थानांतरित होने के बाद विभागीय आयुक्त कार्यालय के पास स्थित जमीन का उपयोग विभागीय आयुक्त कार्यालय के लिए किया जाएगा। प्रशासन अब सरकारी जमीनों की पहचान, दस्तावेजों की जांच, सर्वे और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।

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