Sambhajinagar Municipal Corporation Employee Insurance: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के स्थायी कर्मचारियों की मृत्यु के बाद उनके परिवारों को बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मंगलवार को मनपा की आमसभा के दौरान मृत कर्मचारियों के परिजनों को बीमा राशि के चेक सौंपे गए। प्राकृतिक मृत्यु के मामलों में संबंधित परिवारों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
वहीं दुर्घटना में जान गंवाने वाले मनपा के दो स्थायी कर्मचारियों के परिवारों को बीमा पॉलिसी के तहत बड़ी राहत मिली। दोनों परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये के चेक प्रदान किए गए। बीमा दावा प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि संबंधित परिजनों को सौंपी गई।
आमसभा के दौरान रामदास हरिचंद बामणे और अमोल दिनकर जाधव के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये के चेक दिए गए। दोनों कर्मचारियों की दुर्घटनावश मृत्यु हुई थी। बीमा पॉलिसी के तहत उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को चेक वितरित किए गए।
इस तरह दुर्घटना में मृत दोनों स्थायी कर्मचारियों के परिवारों को कुल दो करोड़ रुपये की बीमा सहायता प्राप्त हुई। अचानक परिवार के कमाऊ सदस्य को खोने वाले परिजनों के लिए यह राशि आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण सहारा मानी जा रही है।
महानगरपालिका की बीमा सुरक्षा योजना के तहत प्राकृतिक मृत्यु होने पर भी स्थायी कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मंगलवार को ऐसे मामलों में मृत कर्मचारियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए।
मनपा प्रशासन के अनुसार, कर्मचारियों को उपलब्ध कराई गई बीमा सुरक्षा का उद्देश्य किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को आर्थिक संकट से बचाने में सहायता करना है। बीमा राशि मिलने से संबंधित परिवारों को तत्काल आर्थिक संबल उपलब्ध हुआ है।
आमसभा के दौरान महापौर समीर राजूरकर, उपमहापौर राजेंद्र जंजाल और स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिये के हाथों लाभार्थी परिवारों को चेक वितरित किए गए। इस अवसर पर मनपा आयुक्त अमोल येडगे और मुख्य लेखाधिकारी संतोष वाहुले सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्राकृतिक मृत्यु के मामलों में पांच लाख और दुर्घटना में मृत्यु पर एक करोड़ रुपये की बीमा सहायता की व्यवस्था से महानगरपालिका कर्मचारियों के परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बीमा दावों से संबंधित प्रक्रिया को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया।