संभाजीनगर के टीवी सेंटर जलकुंभ की मुख्य जलवाहिनी का वाल्व फिर खराब।
1,500 मिमी पाइपलाइन से बड़े पैमाने पर पानी का रिसाव।
टंकी छलकने से आसपास के कुछ घरों में घुसा पानी।
मरम्मत के लिए सोमवार दोपहर 2 बजे जलापूर्ति बंद की गई।
एक महीने के भीतर तीसरी बार वाल्व खराब होने से रखरखाव पर सवाल।
TV Centre Sambhajinagar Main Pipeline Water Leakage: छत्रपति संभाजीनगर के टीवी सेंटर जलकुंभ को पानी पहुंचाने वाली 1,500 मिमी मुख्य जलवाहिनी का वाल्व फिर खराब हो गया। पानी का प्रवाह नियंत्रित नहीं होने से टंकी छलक गई और आसपास के कुछ घरों में पानी घुस गया। मरम्मत के लिए सोमवार दोपहर जलापूर्ति बंद करनी पड़ी और पाइपलाइन में जमा लाखों लीटर पेयजल सड़क पर छोड़ना पड़ा। एक महीने में वाल्व तीसरी बार खराब होने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के दावों के बीच तकनीकी खराबी के कारण पेयजल की बर्बादी का एक और मामला सामने आया है। टीवी सेंटर जलकुंभ को पानी पहुंचाने वाली मुख्य जलवाहिनी का वाल्व फिर खराब हो गया। पानी का प्रवाह नियंत्रित नहीं होने से जलकुंभ छलकने लगा और आसपास के कुछ घरों में पानी घुस गया।
स्थिति को नियंत्रित करने और वाल्व की मरम्मत के लिए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) ने सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जलापूर्ति बंद की। इस दौरान पाइपलाइन में जमा लाखों लीटर स्वच्छ पेयजल सड़क पर छोड़ना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह टीवी सेंटर जलकुंभ में रोजाना की तरह पानी की आपूर्ति शुरू थी। इसी दौरान 1,500 मिमी व्यास वाली मुख्य जलवाहिनी के वाल्व से बड़े पैमाने पर पानी का रिसाव होने लगा।
रिसाव इतना अधिक था कि वाल्व बंद करने के बाद भी पानी का प्रवाह नियंत्रित नहीं हो पाया। लगातार पानी पहुंचने से जलकुंभ भर गया और टंकी से पानी बाहर छलकने लगा। देखते ही देखते पानी आसपास के रिहायशी इलाके में फैल गया।
जलकुंभ से बहकर आए पानी के कारण आसपास के कुछ घरों में पानी घुस गया। अचानक घरों में पानी भरने से नागरिकों को परेशानी हुई और घरेलू सामान भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई।
घटना के बाद नागरिकों ने जलापूर्ति व्यवस्था और वाल्व के रखरखाव को लेकर नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर मजीप्रा के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू किया।
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि संबंधित वाल्व एक महीने के भीतर तीसरी बार खराब हुआ है। इससे पहले भी इसमें खराबी आने पर मरम्मत की गई थी और जलापूर्ति सामान्य होने का दावा किया गया था। लेकिन कुछ ही दिनों बाद फिर रिसाव शुरू हो गया।
बार-बार खराबी आने से वाल्व की गुणवत्ता, मरम्मत के तरीके और नियमित रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मजीप्रा इस तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान कब तक करता है, ताकि पेयजल की बर्बादी और नागरिकों को होने वाली परेशानी रोकी जा सके।