

DRI इंदौर की टीम ने नागपुर के कारोबारी जयेश पंचमतिया को हिरासत में लेकर इंदौर पहुंचाया।
कार्रवाई का संबंध 2024 में इंदौर में हुई सुपारी की बड़ी जब्ती से बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, उस समय करीब 30 से 35 करोड़ रुपये की सुपारी पकड़ी गई थी।
कस्टम ड्यूटी की कथित चोरी के एंगल से DRI जांच कर रही है।
DRI Indore Betel Nut Case: DRI इंदौर की टीम पिछले दिनों नागपुर में कार्रवाई करते हुए सुपारी कारोबार से जुड़े जयेश पंचमतिया को उठाकर इंदौर ले गई, खबर लगते ही बाजार में हड़कंप मच गया है। डीआरआई ने इस मामले में देशभर से लगभग 10 कारोबारियों को उठाया है।
2024 में इंदौर में सड़ी सुपारी आयात से जुड़े मामले में विभाग ने यह कार्रवाई की है। सूत्रों ने बताया कि 2024 में इंदौर में लगभग 30-35 करोड़ रुपये की सुपारी पकड़ी गई थी। पंचमतिया के गोदाम में भी सुपारी पकड़ी गई थी। जिन बोरियों में सुपारी रखी गई थी उनमें 'ओरिजिन ऑफ बांग्लादेश' लिखा हुआ था।
डीआरआई 'बांग्लादेश' से सुपारी आयात होने की कड़ी को खंगालने में लगी है। विभाग का कहना है कि बांग्लादेश में सुपारी नहीं होती है, जबकि बोरियों में बांग्लादेश लिखा हुआ था। विभाग को शक है कि इस मामले में कस्टम की चोरी बड़े पैमाने पर की गई है।
सुपारी पर लगभग 105 फीसदी कस्टम लगता है और सुपारी कारोबारी इसी को बचाने के चक्कर में तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं और चोरी छिपे सुपारी नागपुर तक लाते हैं। इसके बाद यहां से सुपारी की आपूर्ति गुटखा बनाने वाली कंपनियों को की जाती है।
सूत्रों ने बताया कि इस मामले में नागपुर जिले के ही 3 और लोग नामजद हैं। चौरसिया, सिद्दीक सुपारी कारोबार से जुड़े हैं, जबकि एक फाइनेंसर जो दिखाने के लिए लोहे का कारोबार करता है लेकिन सुपारी के लिए फाइनेंस भी करता है। उसका नाम भी इस एफआईआर में है।
आने वाले दिनों में इन व्यापारियों पर भी गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है। जयेश को इसलिए गिरफ्तार किया गया है, ताकि पूरे लिंक का पता लगाया जा सके।
जयेश पंचमतिया (उर्फ टिक्कू भाई) व्यवसायी का नाम पूर्व में चेन्नई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और मद्रास उच्च न्यायालय में सीमा शुल्क से जुड़े पुराने मामलों में भी आया था। इस मामले में भी पंचमतिया की अहम भूमिका थी और तब भी मामला सुपारी आयात से ही जुड़ा हुआ था।