मनपा आयुक्त अमोल येडगे सोर्स: सोशल मीडिया
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर में सुखना नदी में गंदा पानी छोड़ा तो खैर नहीं, मनपा आयुक्त अमोल येडगे का कड़ा रुख

Sambhajinagar River Pollution: संभाजीनगर में सुखना नदी के प्रदूषण पर मनपा सख्त, आयुक्त ने कंपनियों का सर्वेक्षण, प्रदूषण नियंत्रण मंडल को पत्र और नालों का पानी छोड़ने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • सुखना नदी में दूषित पानी पहुंचने की शिकायत के बाद मनपा प्रशासन सक्रिय।

  • आयुक्त अमोल येडगे ने सुबह 6 बजे नदी किनारे पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

  • चिकलथाना औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियों के पानी की जांच और सर्वेक्षण के निर्देश।

  • प्रदूषण नियंत्रण मंडल को पत्र भेजने और दोषी कंपनियों को नोटिस देने की तैयारी।

  • नदी में घरेलू नालों का पानी छोड़ने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी।

Sambhajinagar Amol Yedge Pollution Control Board Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर में सुखना नदी के पुनरुद्धार कार्यों के बीच औद्योगिक क्षेत्र और घरेलू नालों से दूषित पानी नदी में पहुंचने की आशंका सामने आई है। मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने सुबह 6 बजे नदी का निरीक्षण कर संबंधित कंपनियों का सर्वेक्षण करने, प्रदूषण नियंत्रण मंडल को पत्र भेजने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

सुखना नदी में प्रदूषण पर मनपा सख्त

छत्रपति संभाजीनगर, सुखना नदी को प्रदूषण मुक्त कर उसका पुराना स्वरूप लौटाने के लिए महानगरपालिका करोड़ों रुपये के विकास कार्य कर रही है। लेकिन दूसरी ओर नदी में दूषित पानी पहुंचने की आशंका ने इस अभियान पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिकलथाना औद्योगिक क्षेत्र की कुछ कंपनियों का प्रदूषित पानी नालों के जरिए नदी में पहुंचने का मामला सामने आने के बाद मनपा प्रशासन सक्रिय हो गया है।

मनपा आयुक्त अमोल येडगे सुबह करीब 6 बजे नदी किनारे पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित कंपनियों का सर्वेक्षण करने, प्रदूषण नियंत्रण मंडल को पत्र भेजने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कंपनियों के पानी की होगी जांच

निरीक्षण के दौरान औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले पानी की निकासी व्यवस्था की पड़ताल करने पर जोर दिया गया। आयुक्त ने अधिकारियों से संबंधित कंपनियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रदूषण नियंत्रण मंडल को पत्र भेजकर मामले की जानकारी देने और आवश्यक जांच कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि, किन कंपनियों की भूमिका सामने आई है और पानी में किस तरह के प्रदूषक मौजूद हैं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

घरेलू नालों का पानी छोड़ने वालों पर भी कार्रवाई

नदी में केवल औद्योगिक पानी ही नहीं, बल्कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी पहुंचने की आशंका है। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कुछ नागरिकों को पहले भी नदी में सीधे नालों का पानी छोड़ने से मना किया गया था।

बार-बार समझाने के बाद कुछ लोगों ने अपने घरों की निकासी नालियों को मनपा की मुख्य निकासी व्यवस्था से जोड़ दिया। इससे कुछ स्थानों पर नदी में सीधे गंदा पानी छोड़ने की समस्या कम हुई। हालांकि, अन्य स्थानों पर अब भी ऐसा होने की आशंका है।

आयुक्त ने अधिकारियों को ऐसे घरों और संबंधित लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

नदी को पुराने स्वरूप में लौटाने की कोशिश

सुखना नदी के पुनरुद्धार के लिए मनपा ने कई विकास कार्य हाथ में लिए हैं। खाम नदी के पुनरुद्धार की तर्ज पर सुखना नदी के तल की गहराई बढ़ाने, चौड़ाई सुधारने और किनारों को पत्थरों से मजबूत करने का काम किया जा रहा है।

ऐसे में नदी में दूषित पानी का प्रवाह रोकना पुनरुद्धार अभियान के लिए अहम माना जा रहा है। अब निगरानी, निकासी व्यवस्था में सुधार और प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के जरिए नदी को स्वच्छ बनाने की चुनौती प्रशासन के सामने है।

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