सुखना नदी किनारे छत्रपति संभाजीनगर मनपा का ऑपरेशन अतिक्रमण, 25 अवैध निर्माण ध्वस्त, दो मंजिला जिम भी तोड़ा

Sukhna River Anti Encroachment Drive: सुखना नदी किनारे मनपा का बड़ा एक्शन। मोतीवाला कॉलोनी में 25 अवैध निर्माण और दो मंजिला जिम ध्वस्त। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन की बड़ी कार्रवाई।
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation Conducts Anti-Encroachment Drive Along Sukhna Riverbank; 25 Illegal Structures Demolished, Including a Two-Story Gym
अतिक्रमण पर कार्रवाई (सोर्स: फाइल फोटो)
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Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation Action: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने मंगलवार को चिकलथाना क्षेत्र स्थित मोतीवाला कॉलोनी में सुखना नदी किनारे बने अतिक्रमणों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 अवैध निर्माण ध्वस्त किए। कार्रवाई के दौरान नदी किनारे बने कई पक्के निर्माण हटाए गए, जिनमें दो मंजिला जिम का निर्माण भी शामिल था।

महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे के निर्देश तथा अतिक्रमण नियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले और उपआयुक्त सविता सोनवणे के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नदी किनारे अतिक्रमण हटाना केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

बारिश में बढ़ता है बाढ़ का खतरा

प्रशासन के अनुसार सुखना नदी शहर की प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नदी पात्र और किनारों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण बरसात के दौरान पानी का प्रवाह बाधित होता है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बढ़ जाता है।अधिकारियों ने बताया कि नदी किनारे बने अवैध निर्माणों में रहना भी लोगों के लिए जोखिम भरा है। भारी बारिश के दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से जानमाल का नुकसान हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नदी किनारे को अतिक्रमण मुक्त रखने पर जोर दिया जा रहा है।

पहले दी गई थी चेतावनी

मनपा ने बताया कि कार्रवाई से पहले सभी अतिक्रमण धारकों को कई बार नोटिस देकर निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। इस अभियान में कुल 32 अतिक्रमण धारकों को शामिल किया गया था। इनमें से कुछ लोगों ने स्वयं अपने निर्माण हटा लिए, जबकि शेष 25 निर्माणों को मनपा की टीम ने मशीनों की सहायता से हटाया।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका प्रशासन ने कहा कि नदी पात्र और नदी किनारे से अतिक्रमण हटाकर प्राकृतिक जल प्रवाह को सुचारु बनाए रखना आवश्यक है। इससे बाढ़ का खतरा कम होगा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रशासन ने साफ किया कि शहर में इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्रवाई के दौरान जोन क्रमांक 6 के अधिकारी निलेश पाटणी,इमारत निरीक्षक गणेश वीर, देसाई, सागर तथा अतिक्रमण विभाग के कर्मचारियों ने मौजूद रहकर अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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