

महाराष्ट्र की 305 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित।
सूखाग्रस्त क्षेत्रों में विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क माफ करने की योजना।
पशुओं के चारे और पेयजल की व्यवस्था पर जोर।
किशोर शितोले ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की सहायता राशि पर सवाल उठाए।
सूखे से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील।
Maharashtra Drought Relief Farmers Rs 5000 Advance Assistance: महाराष्ट्र में गंभीर सूखे की स्थिति के बीच किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार की ओर से घोषित आर्थिक सहायता का भाजपा जिलाध्यक्ष किशोर शितोले ने स्वागत किया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सूखे की मार झेल रहे किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता देने का निर्णय राहतकारी है। इससे संकट से जूझ रहे किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा।
शितोले ने कहा कि राज्य की 305 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। सरकार ने पेयजल, पशुओं के चारे और फसल संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए उपाय किए हैं। सूखाग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क माफ करने तथा पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई गई है। किसानों से समर्थन मूल्य पर चारा खरीदने का निर्णय भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि किसानों पर कर्ज वसूली के लिए दबाव नहीं डालने की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की चेतावनी से उन्हें राहत मिलेगी। कृषि पंपों को बिजली बिल में राहत देने और पात्र किसान परिवारों को केंद्र तथा राज्य की योजनाओं के माध्यम से वार्षिक सम्मान निधि उपलब्ध कराने से भी किसानों को सहारा मिल रहा है।
शितोले ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के हित में ठोस कदम उठाए हैं, जबकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने सूखाग्रस्त किसानों के लिए केवल 2,500 रुपये की सहायता घोषित की है। उन्होंने महाराष्ट्र की घोषित 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता को इससे दोगुना बताते हुए कांग्रेसशासित राज्यों से किसानों के लिए ऐसी ही पहल करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सूखा प्राकृतिक आपदा है और इससे निपटने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए। इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय विपक्ष को किसानों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने किसानों से भी सरकार के साथ मिलकर सूखे का सामना करने का आह्वान किया।