विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता का होगा वर्गीकरण (सोर्स: AI)
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपती संभाजीनगर: विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता का होगा वर्गीकरण, परिणामों के आधार पर बनेगी शिक्षण योजना

Chhatrapati Sambhajinagar News: दूसरी से 8वीं तक के विद्यार्थियों की संकलित परीक्षा के परिणामों का विश्लेषण होगा। अध्ययन संबंधी कमियां पहचानकर उपचारात्मक अध्यापन और आगे की शिक्षण योजना बनेगी।

आलोक उमाकृष्ण

Chhatrapati Sambhajinagar Students: स्तर में सुधार के लिए शिक्षा पद्धति में आमूलचूल बदलाव होने जा रहा है। संकलित परीक्षा लेकर नियतकालिक मूल्यांकन परीक्षाओं का विश्लेषण करने की योजना बनाई गई है। इसमें कक्षा दूसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों में अध्ययन संबंधी कमियां सामने आने पर उनका उपचारात्मक अध्यापन किया जाएगा।

कम अंक दर्ज कर प्रक्रिया समाप्त करने के बजाए विद्यार्थियों की कठिनाइयों के कारणों का पता लगाकर जरूरत के अनुसार पुनः अध्यापन कराया जाएगा। यही नहीं, अध्ययन परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का वर्गीकरण कर आगे की शिक्षण योजना पर काम किया जाएगा।

मार्गदर्शिका व तकनीकी व्यवस्था कराई गई उपलब्ध

14 अगस्त के परिपत्र के अनुसार संकलित परीक्षा क्रमांक 3 के आधार पर विद्यार्थियों की कक्षा व विषयवार अध्ययन उपलब्धि निर्धारित की जाएगी। इसमें केवल प्राप्त अंकों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि विद्यार्थियों को कौन-सी अवधारणाएं समझ में आईं, कौन-सी अभी स्पष्ट नहीं हुईं व किन विद्यार्थियों को अतिरिक्त मार्गदर्शन की जरूरत है, इसकी भी पहचान की जाएगी।

सूत्रों ने बताया कि, संबंधित शैक्षणिक अधिकारियों से लेकर केंद्र प्रमुख व साधन व्यक्तियों तक की पर्यवेक्षकीय व्यवस्था विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की समीक्षा करेगी। छत्रपति संभाजीनगर में परीक्षा लेकर केवल अंक दर्ज करने तक प्रक्रिया सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परिणामों के आधार पर आगे के अध्यापन की दिशा तय करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर होगी।

कक्षा व विषय के अनुसार विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित शैक्षणिक तंत्र को दिए गए हैं। प्रधानाध्यापक व अध्यापक कक्षा व विषयवार अध्ययन परिणामों की रिपोर्ट स्विफ्ट चैट संदेश सेवा के जरिए देख या प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए जरूरी मार्गदर्शिका व तकनीकी व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।

विद्यार्थी की अध्ययन स्थिति जानना जरूरी

इससे पहले आधारभूत परीक्षा व संकलित परीक्षा क्रमांक 1 व 2 के परिणामों का विश्लेषण भी उपलब्ध कराया गया है। अब संकलित परीक्षा क्रमांक 3 के परिणामों का उपयोग विद्यार्थियों की कमियां दूर करने, आगे की शिक्षण योजना बनाने व शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने के लिए किया जाएगा।

हर विद्यार्थी की अध्ययन स्थिति को समझकर उसके अनुसार जरूरी कार्रवाई करने की जिम्मेदारी स्कूलों पर रहेगी। संकलित परीक्षा का उद्देश्य सिर्फ विद्यार्थियों को अंक देना नहीं, बल्कि उनके अध्ययन में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए अध्यापन की दिशा बदलना है।

इसलिए परीक्षा परिणामों के आधार पर उपचारात्मक अध्यापन कितनी प्रभावी ढंग से किया जाता है, इसी पर इस पहल की सफलता निर्भर करेगी।

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