सातारा-देवलाई में टैंकरों की संख्या 22 से बढ़ाकर 40 की जाएगी।
महापौर समीर राजूरकर ने 15 नवंबर तक 18 अतिरिक्त टैंकर शुरू करने का आश्वासन दिया।
नई जलापूर्ति योजना की टंकियों और पाइपलाइन का परीक्षण अंतिम चरण में है।
ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंचाने के लिए इंजनयुक्त टैंकर और 40 फीट लंबे पाइप की मांग की गई।
जिले की नौ कंपनियां उत्पादन में रोजाना 3.81 MLD पानी इस्तेमाल कर रही हैं।
Sambhajinagar Satara Deolai Water Supply Tanker Increase: छत्रपति संभाजीनगर के सातारा-देवलाई क्षेत्र में पानी की किल्लत दूर करने के लिए मनपा टैंकरों की संख्या 22 से बढ़ाकर 40 करेगी। महापौर समीर राजूरकर ने 15 नवंबर तक 18 अतिरिक्त टैंकर शुरू करने का आश्वासन दिया है। नई जलापूर्ति योजना की टंकियों और पाइपलाइन का परीक्षण भी अंतिम चरण में पहुंच गया है।
छत्रपति संभाजीनगर के सातारा-देवलाई क्षेत्र में पानी की बढ़ती किल्लत को देखते हुए महानगरपालिका ने टैंकरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। मौजूदा 22 टैंकरों की संख्या बढ़ाकर 40 की जाएगी। महापौर समीर राजूरकर ने 15 नवंबर तक 18 अतिरिक्त टैंकर शुरू करने का आश्वासन दिया है। इससे क्षेत्र के नागरिकों को पानी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
क्षेत्र में जलसंकट को लेकर पानी संघर्ष कृति समिति के पदाधिकारियों ने महापौर समीर राजूरकर से उनके 'रायगढ़' निवास पर मुलाकात की। इस दौरान मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था, टैंकरों की उपलब्धता और नई जलापूर्ति योजना की प्रगति पर चर्चा की गई। समिति ने महापौर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि बढ़ती आबादी और पानी की जरूरत के मुकाबले मौजूदा टैंकर पर्याप्त नहीं हैं।
समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक नियमित नल जलापूर्ति शुरू नहीं होती, तब तक टैंकरों की संख्या बढ़ाने और नागरिकों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए उनका प्रयास जारी रहेगा।
समिति ने बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंचाने के लिए इंजनयुक्त टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा टैंकरों के पाइप की लंबाई 10 फीट से बढ़ाकर 40 फीट करने का सुझाव दिया गया। इससे घरों से दूर स्थित पानी के हौज तक भी पानी पहुंचाया जा सकेगा।
महापौर ने टैंकर पंजीकरण से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए मनपा की ओर से जल्द ही एक खिड़की योजना शुरू करने की जानकारी दी।
नई जलापूर्ति योजना के तहत पानी की टंकियों और पाइपलाइन का परीक्षण अंतिम चरण में पहुंच गया है। बैठक में इस संबंध में निर्णय होने के बाद नए नल कनेक्शन देने के काम में तेजी लाई जाएगी। इससे क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।
सातारा-देवलाई के नागरिक जहां पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं जिले की पांच बीयर कंपनियां, एक शीतपेय निर्माता और तीन शराब निर्माता कंपनियां उत्पादन में कच्चे माल के रूप में प्रतिदिन कुल 3.81 MLD पानी का इस्तेमाल कर रही हैं। यह मात्रा एमआईडीसी की कुल औद्योगिक जलापूर्ति का 7.02 प्रतिशत है। पानी की कमी के बीच औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे इस उपयोग का आंकड़ा भी चर्चा का विषय बना हुआ है।