प्रभागों के विकास कार्यों में देरी को लेकर नगरसेवकों ने जताई नाराजगी।
MIM नगरसेवक खान अब्दुल मतीन और खान अलमास खानम अमजद ने उठाए सवाल।
अगली स्थायी समिति बैठक तक सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।
वंचित बहुजन आघाडी के अमित भुईगल ने अधिकारियों से समन्वय की कमी का मुद्दा उठाया।
प्रस्तावों पर अलग-अलग टिप्पणियों के कारण फाइलें आगे बढ़ने में देरी का आरोप।
Sambhajinagar Municipal Corporation AIMIM VBA Corporator Protest: छत्रपति संभाजीनगर मनपा में प्रभागों के विकास कार्यों में देरी और अधिकारियों से समन्वय की कमी को लेकर नगरसेवकों की नाराजगी बढ़ रही है। मंगलवार को स्थायी समिति की बैठक में MIM और वंचित बहुजन आघाडी के नगरसेवकों ने लंबित प्रस्तावों और अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाने का मुद्दा उठाया। MIM ने अगली बैठक तक स्थिति नहीं सुधरने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
छत्रपति संभाजीनगर, प्रभागों के विकास कार्यों को गति नहीं मिलने और अधिकारियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण महानगरपालिका के विभिन्न राजनीतिक दलों के नगरसेवकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को स्थायी समिति की बैठक में यह असंतोष खुलकर सामने आया।
वंचित बहुजन आघाडी के नगरसेवक अमित भुईगल ने जनप्रतिनिधियों को हो रही परेशानियों पर सवाल उठाए। वहीं, MIM के नगरसेवक खान अब्दुल मतीन और खान अलमास खानम अमजद ने भी लंबित विकास कार्यों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बैठक तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो MIM नगरसेवक आंदोलन करेंगे।
बैठक में MIM नगरसेवकों ने कहा कि प्रभागों में विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई प्रस्ताव लंबित हैं। नगरसेवक संबंधित विभागों के अधिकारियों से संपर्क करते हैं, लेकिन शिकायतों और प्रस्तावों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। कई बार अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पाती और फोन करने पर भी जवाब नहीं मिलता।
उन्होंने मांग की कि संबंधित विभाग नगरसेवकों की समस्याओं को गंभीरता से लें और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
वंचित बहुजन आघाडी के नगरसेवक अमित भुईगल ने भी अधिकारियों के साथ समन्वय की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रभागों के विकास कार्यों के लिए नगरसेवकों को संबंधित विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बावजूद कई बार अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पाती।
भुईगल के अनुसार, विकास कार्यों से जुड़ी फाइलों पर अलग-अलग टिप्पणियां आने के कारण प्रस्ताव आगे बढ़ने में समय लग रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब नागरिक अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए नगरसेवकों को चुनते हैं, तो उनके प्रस्तावों पर समय रहते निर्णय क्यों नहीं लिया जाता।
नगरसेवकों का कहना है कि नागरिक रोजाना सड़क, पेयजल, सफाई, नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें लेकर उनके पास पहुंचते हैं। लेकिन प्रस्ताव लंबित रहने और अधिकारियों से सहयोग नहीं मिलने के कारण उन्हें नागरिकों को जवाब देना मुश्किल हो रहा है।
अब अगली स्थायी समिति की बैठक तक प्रशासन की कार्यप्रणाली में कितना सुधार होता है, इस पर नजर रहेगी। MIM ने स्पष्ट किया है कि समस्याएं हल नहीं हुईं तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।