छत्रपति संभाजीनगर मनपा (सोर्सः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर मनपा में 22 करोड़ के अतिरिक्त भुगतान का मामला, अब एजेंसियों से होगी वसूली

Contract Workers Salary Bills: छत्रपति संभाजीनगर मनपा में ठेका श्रमिकों के वेतन बिलों के नाम पर कथित 22 करोड़ रुपए के अतिरिक्त भुगतान का मामला सामने आया है। आयुक्त ने जांच और वसूली की कार्रवाई तेज की।

आंचल लोखंडे

Highlights

  • छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका में ठेका श्रमिकों के वेतन बिलों के नाम पर कथित तौर पर 22 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किए जाने का मामला सामने आया।

  • लेखा परीक्षण के दौरान अतिरिक्त भुगतान का खुलासा होने के बाद मनपा प्रशासन ने जांच और वसूली की कार्रवाई शुरू की।

  • अशोका और गैलेक्सी एजेंसियों ने मिलकर 2 करोड़ रुपए वापस किए, जबकि महाराणा एजेंसी ने अब तक राशि नहीं लौटाई है।

Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका को ठेका श्रमिक उपलब्ध कराने वाली तत्कालीन महाराणा एजेंसी तथा मौजूदा अशोका व गैलेक्सी एजेंसियों को श्रमिकों के वेतन के बिलों के नाम पर कथित तौर पर 22 करोड़ रुपए अतिरिक्त भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है।

इस राशि की वसूली के लिए लंबे समय तक कोई प्रभावी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। अब मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की है। तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

2,000 कर्मचारी उपलब्ध कराए

साथ ही, संबंधित एजेंसियों से बकाया राशि वसूलने के लिए उनकी संपत्तियों पर मनपा का बकाया दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस संबंध में भूमि अभिलेख कार्यालय को पीआर कार्ड पर प्रविष्टि करने के लिए पत्र भेजा गया है। मनपा में स्वीकृत पदों की तुलना में स्थायी अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या कम है। इसके अलावा, हर महीने 20 से 30 कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं। काम का बढ़ता बोझ देखते हुए मनपा ने लगभग 2,500 ठेका कर्मियों की आपूर्ति के लिए महाराणा, अशोका व गैलेक्सी एजेंसियों के साथ अनुबंध किया था। इनमें महाराणा एजेंसी ने सबसे अधिक 2,000 कर्मचारी उपलब्ध कराए थे।

लेखा परीक्षण में सामने आया मामला

इन एजेंसियों की ओर से कर्मियों के वेतन के लिए मनपा को बिल प्रस्तुत किए जाते थे। इनकी फाइल श्रमिक विभाग के लिपिक, श्रमिक अधिकारी, उपायुक्त, अतिरिक्त आयुक्त व लेखा विभाग सहित विभिन्न स्तरों से गुजरने के बाद मंजूर होती थी। लेखा परीक्षण के दौरान जरूरत से अधिक राशि का भुगतान किए जाने की बात सामने आने के बाद यह मामला उजागर हुआ। इसके बाद मनपा ने अतिरिक्त भुगतान की वसूली के लिए कदम उठाए।

महाराणा एजेंसी ने नहीं लौटाई राशि

मनपा की ओर से राशि लौटाने के लिए एजेंसियों को पत्र भेजे गए व कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके बाद अशोका व गैलेक्सी एजेंसियों ने मिलकर 2 करोड़ रुपए वापस किए। हालांकि, महाराणा एजेंसी की ओर से अतिरिक्त राशि अब तक वापस नहीं किए जाने की बात कही गई है। मनपा प्रशासन ने इस एजेंसी को कई बार नोटिस भी जारी किए हैं।

आयुक्त येड़गे के पदभार संभालने के बाद इस मामले में वसूली की कार्रवाई को गति मिली है। स्थायी समिति की बैठकों में भी सदस्यों ने प्रशासन से इस प्रकरण पर जवाब मांगा था। अब अतिरिक्त भुगतान की राशि वापस नहीं करने वाली एजेंसियों के संचालकों की संपत्तियों के पीआर कार्ड पर मनपा के बकाये का बोझ दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू है।

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