छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम गुंठेवारी नियमितीकरण सोर्स: सोशल मीडिया
छत्रपति संभाजीनगर

गुंठेवारी नियमितीकरण से छत्रपति संभाजीनगर मनपा की तिजोरी भरी, आए 91 करोड़, 31 अक्टूबर आखिरी तारीख

Sambhajinagar Gunthewari Revenue Surge: छत्रपति संभाजीनगर मनपा को गुंठेवारी नियमितीकरण से 91 करोड़ का राजस्व मिला। 9,747 आवेदन प्राप्त, 4,870 मंजूर। 31 अक्टूबर तक शनिवार-रविवार भी काम होगा।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • छत्रपति संभाजीनगर मनपा को गुंठेवारी नियमितीकरण से अप्रैल से अब तक ₹91 करोड़ का राजस्व मिला।

  • नियमितीकरण के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर निर्धारित है।

  • अब तक 9,747 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 4,870 प्रस्तावों को मंजूरी मिली।

  • अंतिम दिनों में बढ़ती भीड़ के चलते शनिवार और रविवार को भी कार्यालय खुले रहेंगे।

  • भुगतान के लिए बैंकों में अतिरिक्त काउंटर और QR कोड की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation Gunthewari regularization 2026: छत्रपति संभाजीनगर मनपा को गुंठेवारी नियमितीकरण प्रक्रिया से अप्रैल से अब तक ₹91 करोड़ का राजस्व मिला है। 9,747 आवेदनों में से 4,870 को मंजूरी दी गई है। 31 अक्टूबर की अंतिम तारीख को देखते हुए मनपा शनिवार और रविवार को भी काम करेगी।

गुंठेवारी नियमितीकरण से मनपा की तिजोरी भरी, अब तक 91 करोड़ जमा

छत्रपति संभाजीनगर, अवैध भूखंडों और निर्माणों को नियमित कराने के लिए शुरू की गई गुंठेवारी नियमितीकरण प्रक्रिया का लाभ उठाने के लिए नागरिकों में तेजी से रुचि बढ़ रही है। इसका सीधा असर छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के राजस्व पर दिखाई दे रहा है। अप्रैल से अब तक इस प्रक्रिया के माध्यम से मनपा के खजाने में ₹91 करोड़ जमा हो चुके हैं। वहीं, अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ आवेदनों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

अब तक मनपा को 9,747 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4,870 प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है। शेष आवेदनों का निपटारा करने के लिए प्रशासन ने कामकाज तेज कर दिया है।

31 अक्टूबर अंतिम तारीख, सप्ताहांत में भी काम

गुंठेवारी नियमितीकरण के लिए 31 अक्टूबर अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। समय कम होने और नागरिकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मनपा प्रशासन ने शनिवार और रविवार को भी कार्यालय खुले रखने का निर्णय लिया है। नगर रचना विभाग अगले आठ दिनों तक लगातार काम करेगा, ताकि पात्र आवेदनों की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। प्रशासन का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर अधिक से अधिक आवेदनों पर निर्णय लेना है।

अंतिम दिनों में आवेदनों की संख्या बढ़ी

गुंठेवारी नियमितीकरण के लिए आवेदन करने वालों की संख्या पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ी है। जुलाई में जहां 314 आवेदन प्राप्त हुए थे, वहीं अगस्त में यह संख्या बढ़कर लगभग 1,300 हो गई। सितंबर में करीब 3,500 आवेदन जमा किए गए, जबकि अक्टूबर में अब तक लगभग 4,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

प्रशासन के अनुसार, 15 जुलाई के बाद से 9,039 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस अवधि में करीब ₹84 करोड़ का राजस्व जमा हुआ। अप्रैल से अब तक कुल राजस्व ₹91 करोड़ तक पहुंच गया है।

बड़ी संख्या में आवेदन आने से नगर रचना विभाग पर काम का दबाव बढ़ा है। ऐसे में लंबित प्रस्तावों की जांच पूरी कर उन्हें समय पर मंजूरी देना प्रशासन के सामने प्रमुख चुनौती है।

भुगतान के लिए बढ़ाई गई सुविधाएं

अंतिम दिनों में नागरिकों को शुल्क जमा करने में परेशानी न हो, इसके लिए मनपा ने भुगतान व्यवस्था में भी बदलाव किए हैं। बैंकों में शुल्क जमा करने के लिए अतिरिक्त काउंटर शुरू किए गए हैं। इसके अलावा QR कोड के माध्यम से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

आयुक्त अमोल येडगे ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों और भुगतान से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण पात्र आवेदनों को लंबित नहीं रहने देने का प्रयास किया जा रहा है। संबंधित विभाग के कर्मचारियों को जांच और मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिस क्षेत्र से राजस्व, वहीं विकास पर विचार

गुंठेवारी नियमितीकरण से मिलने वाली राशि का उपयोग छत्रपति संभाजीनगर शहर के विकास कार्यों में करने पर भी मनपा विचार कर रही है। आयुक्त अमोल येडगे के अनुसार, जिन क्षेत्रों से नियमितीकरण के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, उन्हीं क्षेत्रों में इस निधि से विकास कार्य कराने को प्राथमिकता देने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

इससे नियमितीकरण से प्राप्त राजस्व का लाभ संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

आवेदकों के पास आखिरी मौका

गुंठेवारी नियमितीकरण की अंतिम तारीख में अब बहुत कम समय बचा है। ऐसे में नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज जमा करने, शुल्क भरने और आवेदन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने की जरूरत है। मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सप्ताहांत में भी कामकाज जारी रहेगा।

अब देखना होगा कि 31 अक्टूबर तक कितने नए आवेदन जमा होते हैं और उनमें से कितने प्रस्तावों को समय रहते मंजूरी मिल पाती है।

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