

छत्रपति संभाजीनगर मनपा के गुंठेवारी नियमितीकरण के लिए 31 अक्टूबर अंतिम तारीख।
महापौर समीर राजूरकर ने समय सीमा बढ़ाने से इनकार किया।
मनपा को अभियान से अब तक 85 करोड़ की आय।
1 अप्रैल से 6 अक्टूबर 2026 के बीच 6,306 फाइलों को मंजूरी।
रोज 300 से 400 आवेदन जमा होने की जानकारी।
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation Property Regularisation: छत्रपति संभाजीनगर मनपा के गुंठेवारी नियमितीकरण अभियान की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर तय की गई है। महापौर समीर राजूरकर ने समय सीमा नहीं बढ़ाने की घोषणा की है। अब तक अभियान से मनपा को ₹85 करोड़ की आय हुई है और रोज 300 से 400 आवेदन जमा हो रहे हैं।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में अनधिकृत निर्माणों को नियमित कराने के लिए चल रहे गुंठेवारी अभियान में अब केवल 11 दिन शेष हैं। महानगरपालिका प्रशासन ने 31 अक्टूबर को गुंठेवारी कक्ष बंद करने का निर्णय लिया है। महापौर समीर राजूरकर ने स्पष्ट किया है कि अभियान की समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
अंतिम तारीख नजदीक आने के कारण मनपा कार्यालय में नागरिकों की भीड़ बढ़ रही है। रोजाना करीब 300 से 400 आवेदन जमा होने की जानकारी है। अभियान के तहत अब तक मनपा को लगभग 85 करोड़ की आय हुई है।
राज्य सरकार ने 31 दिसंबर 2020 तक किए गए निर्माणों को नियमित करने की अनुमति दी थी। इसके बाद मनपा ने जून 2022 से गुंठेवारी नियमितीकरण अभियान शुरू किया। बीच में रियायतें बंद होने के कारण आवेदनों की संख्या घट गई थी।
इस वर्ष दोबारा रियायतें लागू होने के बाद अभियान में तेजी आई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 6 अक्टूबर 2026 के बीच 6,306 फाइलों को मंजूरी दी गई। इससे मनपा को ₹67 करोड़ 59 लाख की आय हुई।
मनपा आयुक्त अमोल येडगे अभियान की प्रतिदिन समीक्षा कर रहे हैं। नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए नगर रचना विभाग में अलग कक्ष शुरू किया गया है। इसके अलावा विभिन्न प्रभागों में शिविर लगाकर आवेदन प्रक्रिया में सहायता दी जा रही है।
हालांकि, आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेजों में कमियां रहने के कारण नागरिकों को उन्हें पूरा करने के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है। गुंठेवारी कक्ष में बढ़ती भीड़ से कर्मचारियों पर भी काम का दबाव बढ़ गया है।
महापौर समीर राजूरकर ने कहा कि गुंठेवारी नियमितीकरण अभियान सभी रियायतों के साथ चलाया जा रहा है और नागरिकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इसके बावजूद 31 अक्टूबर ही अंतिम तारीख रहेगी। इसके बाद किसी भी स्थिति में समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी।
ऐसे में जिन नागरिकों के निर्माण नियमितीकरण के दायरे में आते हैं, उन्हें अंतिम तारीख से पहले आवेदन और जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने की आवश्यकता है।