23 अक्टूबर को स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए मतदान।
निजी प्रतिष्ठानों में कार्यरत मतदाताओं को वोटिंग के लिए 4 घंटे की विशेष छूट।
संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को अतिरिक्त विशेष आकस्मिक अवकाश।
सरकारी कार्यालयों का नियमित कामकाज जारी रखने के निर्देश।
सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों, प्रचार सामग्री और पेड न्यूज पर MCMC की निगरानी।
Chhatrapati Sambhajinagar Graduate Constituency Election: छत्रपति संभाजीनगर में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान के मद्देनजर निजी प्रतिष्ठानों में कार्यरत स्नातक और शिक्षक मतदाताओं को वोट डालने के लिए चार घंटे की विशेष छूट देने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त विशेष आकस्मिक अवकाश मिलेगा। चुनाव के दौरान सोशल मीडिया प्रचार और राजनीतिक विज्ञापनों पर भी MCMC नजर रखेगी।
छत्रपति संभाजीनगर, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें, इसके लिए निर्वाचन आयोग ने मतदान के दिन विशेष सुविधाएं देने के निर्देश जारी किए हैं। 23 अक्टूबर को मतदान के लिए निजी प्रतिष्ठानों में काम करने वाले स्नातक और शिक्षक मतदाताओं को चार घंटे की विशेष छूट मिलेगी। पहले यह छूट दो घंटे निर्धारित थी।
विभागीय आयुक्त एवं निर्वाचन निर्णय अधिकारी जी. श्रीकांत ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के 16 अक्टूबर के संशोधित पत्र के अनुसार निजी प्रतिष्ठानों को यह सुविधा देने के निर्देश दिए गए हैं। मतदान केंद्रों की दूरी और वहां पहुंचने में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
निर्वाचन आयोग ने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को मतदान के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश देने का निर्णय लिया है। यह अवकाश उन्हें नियमित रूप से मिलने वाले आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त होगा।
हालांकि, यह सुविधा केवल संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलेगी। निजी प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों पर यह विशेष आकस्मिक अवकाश लागू नहीं होगा; उनके लिए मतदान के वास्ते चार घंटे की विशेष छूट का प्रावधान किया गया है।
मतदान के दिन सरकारी कार्यालयों का नियमित कामकाज सुचारू रूप से जारी रखने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुखों को सौंपी गई है। उन्हें आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदान की सुविधा के साथ-साथ सरकारी सेवाएं भी प्रभावित न हों।
चुनाव के दौरान फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब, ब्लॉग और वॉट्सऐप जैसे मंचों पर प्रसारित होने वाली राजनीतिक प्रचार सामग्री, विज्ञापनों और संदिग्ध पेड न्यूज पर मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (MCMC) नजर रखेगी।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन या प्रसारण से पहले संबंधित MCMC से नियमानुसार पूर्व प्रमाणन कराना आवश्यक है। बिना पुष्टि वाली जानकारी, मतदाताओं को भ्रमित करने वाली सामग्री और धार्मिक या जातीय तनाव बढ़ाने वाले संदेशों से बचने की अपील की गई है।
उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों से आदर्श आचार संहिता का पालन करने को कहा गया है। मतदान समाप्त होने से पहले की 48 घंटे की प्रतिबंधित अवधि में प्रचार से जुड़े लागू नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया पर भी नियमों के उल्लंघन से बचने की हिदायत दी है।