Ganesh Visarjan Night Cleaning Drive: गणेश विसर्जन के बाद शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए छत्रपति संभाजीनगर मनपा के सफाईकर्मियों ने पूरी रात मोर्चा संभाले रखा। विसर्जन का सिलसिला रात 3 बजे तक जारी रहा, लेकिन सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी इसके साथ समाप्त नहीं हुई।
विसर्जन स्थलों से लेकर प्रमुख मार्गों और आसपास के क्षेत्रों तक कचरा तथा निर्माल्य तत्काल हटाने का अभियान जारी रहा। पूरी रात चले सफाई अभियान के बाद सुबह तक प्रमुख विसर्जन स्थलों और विसर्जन मार्गों की सफाई पूरी कर दी गई। इस दौरान 25 वाहनों के माध्यम से निर्माल्य का अलग से संकलन किया गया, जबकि करीब 350 अधिकारी और कर्मचारी स्वच्छता व्यवस्था में जुटे रहे।
महानगरपालिका के घनकचरा प्रबंधन विभाग की ओर से ‘हमारा बप्पा - स्वच्छता का राजा’ अभियान के माध्यम से गणेशोत्सव को पर्यावरण अनुकूल बनाने का प्रयास किया गया। आयुक्त अमोल येडगे और उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे के मार्गदर्शन में सूचना, शिक्षा एवं जनजागरण दल, स्वच्छता निरीक्षक, सुरक्षा कर्मचारी, सफाईकर्मी तथा अर्बन वेस्ट हैंडलिंग एलएलपी के अधिकारी और कर्मचारियों ने विसर्जन व्यवस्था को संभाला।
विसर्जन स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। फूल, पत्तियां तथा अन्य निर्माल्य को सामान्य कचरे से अलग रखने की अपील की गई। निर्माल्य के स्वतंत्र संकलन के लिए 25 विशेष वाहन तैनात किए गए थे। इससे विसर्जन स्थलों पर निर्माल्य और अन्य कचरे को अलग रखने तथा उसके उचित संकलन में सहायता मिली।
उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे ने बताया कि विसर्जन के दौरान स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्बन वेस्ट हैंडलिंग एलएलपी के करीब 350 अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहे। महानगरपालिका के स्वच्छता निरीक्षक, सुरक्षा कर्मचारी और सफाईकर्मी भी लगातार मैदान में डटे रहे। विसर्जन स्थलों के साथ वहां तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी गई। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण उत्पन्न होने वाले कचरे को तत्काल हटाने के लिए सफाई दलों को लगातार सक्रिय रखा गया।
रात 3 बजे तक विसर्जन कार्यक्रम जारी रहने के बावजूद सफाईकर्मियों ने अपना काम बंद नहीं किया। जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की भीड़ कम होती गई, वैसे-वैसे कचरा, निर्माल्य और अन्य अवशेष हटाने का काम तेज किया गया।
सफाई दलों ने पूरी रात काम करते हुए सुबह तक प्रमुख विसर्जन स्थलों, विसर्जन मार्गों और आसपास के क्षेत्रों की सफाई पूरी कर दी। इससे विसर्जन के अगले दिन शहर में सामान्य जनजीवन और आवागमन प्रभावित नहीं हुआ।
आयुक्त अमोल येडगे और उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे ने भी रात 3 बजे तक विभिन्न विसर्जन स्थलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने स्वच्छता व्यवस्था, निर्माल्य संकलन, कचरा प्रबंधन और नागरिकों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लिया।
उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। देर रात तक जिम्मेदारी निभाने वाले सफाईकर्मियों से मुलाकात कर उनके कार्य की सराहना भी की।
सूचना, शिक्षा एवं जनजागरण दल की ओर से नागरिकों को कचरे का चार प्रकार में वर्गीकरण करने, निर्माल्य अलग रखने और एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक से बचने के लिए जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि गणेशोत्सव के दौरान भक्ति के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं। विसर्जन स्थलों पर आने वाले नागरिकों को कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालने का संदेश दिया गया।
अर्बन वेस्ट हैंडलिंग एलएलपी के संचालक अनवर सत्तार ने विभिन्न मूर्ति संकलन और गणेश विसर्जन स्थलों का दौरा किया। उन्होंने वहां कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात कर स्वच्छता व्यवस्था की जानकारी ली। रातभर स्वच्छता कार्य में जुटे कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई।
गणेश विसर्जन के बाद तत्काल कचरा हटाने, निर्माल्य का अलग संकलन करने और प्रमुख मार्गों की सफाई के लिए महानगरपालिका की ओर से की गई व्यवस्था से शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिली। इस अभियान में छत्रपति संभाजीनगर मनपा के अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक, सुरक्षा कर्मचारी, सफाईकर्मी और अन्य कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से जिम्मेदारी निभाई।
गणेशोत्सव के दौरान ‘हमारा बप्पा - स्वच्छता का राजा’ अभियान के माध्यम से श्रद्धा के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश नागरिकों तक पहुंचाया गया। रातभर काम करने वाले सफाईकर्मियों ने यह भी साबित किया कि बप्पा की विदाई के बाद शहर को स्वच्छ रखना भी उसी उत्सव की जिम्मेदारी का हिस्सा है।