Cyber Fraud 1 Crore Money Recovered: साइबर ठगी के एक मामले में छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक करोड़ रुपये की पूरी रकम ठगों के हाथ जाने के बाद भी सुरक्षित बच गई।
आरटीओ चालान के नाम पर भेजी गई फर्जी एपीके फाइल खोलते ही कंपनी मालिक का मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला गया था।
ठगों ने उनके व्हाट्सएप से अकाउंटेंट को एक करोड़ रुपये भेजने का संदेश दिया। मालिक का आदेश समझकर अकाउंटेंट ने रकम अज्ञात बैंक खाते में भेज दी। इसके बाद चार करोड़ रुपये और भेजने का संदेश आया तो उसे संदेह हुआ और उसने तत्काल मालिक से संपर्क किया।
ठगी सामने आते ही शिकायतकर्ता साइबर पुलिस थाने पहुंचा। पुलिस ने बिना समय गंवाए संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी से संपर्क किया और जिस खाते में एक करोड़ रुपये भेजे गए थे, उसे तत्काल बंद करा दिया। जांच में पता चला कि ठगों ने रकम को दूसरे बैंक खातों में भेजने का प्रयास भी किया था।
पुलिस ने उन खातों पर भी तत्काल कार्रवाई की। समय रहते की गई इस कार्रवाई के कारण साइबर ठग एक करोड़ रुपये निकाल नहीं सके। इसके बाद मामले में न्यायालय की प्रक्रिया पूरी की गई और न्यायालय के आदेश के बाद एक करोड़ रुपये की पूरी राशि शिकायतकर्ता को वापस मिल गई। इस कार्रवाई से कंपनी को होने वाला बड़ा आर्थिक नुकसान टल गया।
पुलिस के अनुसार, पन्नालाल नगर निवासी नंदकिशोर सोहिंदा की कंपनी के मोबाइल पर 4 अगस्त को आरटीओ चालान के नाम पर एक APK फाइल भेजी गई थी। फाइल को खोलते ही साइबर ठगों ने मोबाइल पर नियंत्रण हासिल कर लिया। इसके बाद उन्होंने मोबाइल में मौजूद व्हाट्सऐप और अन्य जानकारियों तक पहुंच बनाने की कोशिश की।
इसी नियंत्रण का फायदा उठाकर ठगों ने कंपनी के अकाउंटेंट को संदेश भेजकर रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने नागरिकों से अनजान APK फाइल डाउनलोड नहीं करने की अपील की है।
पुलिस ने नागरिकों से आरटीओ चालान, बिजली बिल अथवा अन्य सरकारी सेवाओं के नाम पर भेजी जाने वाली अनजान एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने की अपील की है। आर्थिक ठगी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना देने को कहा गया है।