छत्रपति संभाजीनगर में सिडको पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
चार देसी पिस्तौल और 11 जीवित कारतूस बरामद।
जब्त हथियारों और कारतूसों की कीमत 2.20 लाख रुपये बताई गई।
गिरफ्तार आरोपियों में कॉलेज के विद्यार्थी भी शामिल।
हथियारों के स्रोत और संभावित आपराधिक संपर्कों की जांच जारी।
Chhatrapati Sambhajinagar Cidco Police Station Illegal Arms Seizure: छत्रपति संभाजीनगर में सिडको पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चार देसी पिस्तौल और 11 जीवित कारतूस जब्त किए, जिनकी कुल कीमत 2.20 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों में कॉलेज के विद्यार्थी भी शामिल हैं। पुलिस हथियारों के स्रोत और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की जांच कर रही है।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और गैरकानूनी कब्जे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिडको पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से चार देसी पिस्तौल और 11 जीवित कारतूस बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 2 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है।
जोन-2 के पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले ने शनिवार शाम पत्रकार वार्ता में कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिडको पुलिस के विशेष दस्ते ने गोपनीय सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्धों का पता लगाया। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शिवा अंबादास सुरे, सुमित सुनील विसपुते, सत्यम भास्कर चाटे, अर्जुन किशोर लिंगायत, श्रीकांत संदीप शिरसाठ और विशाल राजू भोसले शामिल हैं।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आरोपियों में कुछ महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं। सत्यम भास्कर चाटे के बी.कॉम. तृतीय वर्ष का विद्यार्थी होने और श्रीकांत संदीप शिरसाठ के बी.एससी. की पढ़ाई करने की जानकारी दी गई है। अन्य आरोपियों की शिक्षा और पेशे से संबंधित विवरणों की आधिकारिक पुष्टि की जानी बाकी है।
विद्यार्थियों के नाम सामने आने के बाद पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हथियार उनके पास कैसे पहुंचे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ के दौरान हथियारों के स्रोत, खरीद-बिक्री में शामिल लोगों और संभावित आपराधिक संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद पिस्तौलों की आपूर्ति किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह के माध्यम से की गई थी या नहीं। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले और सहायक पुलिस आयुक्त मनीष कल्याणकर के मार्गदर्शन में की गई। सिडको पुलिस थाने के निरीक्षक अतुल येरमे, पुलिस उपनिरीक्षक अनिल नाणेकर तथा हेड कांस्टेबल मंगेश पवार, सहदेव साबले, अमोल अंभोरे, नरेश भोडे और अतुल सोलुके ने कार्रवाई में भाग लिया।
डीसीपी नवले के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर शहर में अवैध हथियार रखने और उनकी खरीद-बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।