Airport Fake Ticket PNR Fraud Case: एक ही पीएनआर पर दो अलग-अलग यात्रियों के विमान यात्रा करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। डेढ़ साल पहले इस्तेमाल किए जा चुके टिकट के विवरण की नकल कर नए यात्री के नाम से कथित तौर पर फर्जी टिकट तैयार किया गया।
छह हजार रुपये में टिकट लेकर यात्री चिकलथाना हवाई अड्डे पहुंच भी गया, लेकिन इंडिगो की प्रणाली में टिकट की जांच के दौरान फर्जीवाड़ा सामने आ गया। घटना 2 अक्टूबर की सुबह की है।
पुलिस के अनुसार, मयूर पार्क निवासी विलास लंबे ने ज्ञानेश्वर रमेश राऊत (37, निवासी नायगव्हाण) को कथित तौर पर यह टिकट बनाकर दिया था। इस मामले में इंडिगो कर्मचारी सतीश मधुकर भोले (46) की शिकायत पर एमआईडीसी सिडको थाने में मामला दर्ज किया गया है।
भोले करीब 18 वर्षों से इंडिगो में कार्यरत हैं और पिछले चार वर्षों से चिकलथाना हवाई अड्डे पर तैनात हैं। 2 अक्टूबर को सुबह करीब पांच बजे वे ड्यूटी पर थे।
सुबह 7.07 बजे राऊत हवाई अड्डे पहुंचे। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की जांच के बाद उन्होंने टिकट दिखाकर प्रवेश किया। इसके बाद इंडिगो फ्लाइट के कर्मचारियों ने टिकट को प्रणाली में जांचा तो गड़बड़ी सामने आई।
राऊत के टिकट पर N7K5PQ पीएनआर था। टिकट छत्रपति संभाजीनगर से मुंबई जाने वाली सुबह 7.15 बजे की उड़ान के लिए था। जांच में पता चला कि यही पीएनआर 22 जून 2025 को कोच्चि से बेंगलुरु जाने वाली उड़ान में राहुल रघुनाथन द्वारा इस्तेमाल किया जा चुका था।
पूछताछ में राऊत ने बताया कि लंबे ने उनसे छह हजार रुपये लेकर पुराने टिकट के विवरण के आधार पर उनके नाम से नया टिकट तैयार किया था।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि टिकट कहां और कैसे तैयार किया गया तथा पुराने टिकट का विवरण आरोपी तक कैसे पहुंचा। मामले की जांच उपनिरीक्षक राहुल बिघोत कर रहे हैं।