Chhatrapati Sambhajinagar Industrial Investment: छत्रपति संभाजीनगर जिले में ऑरिक सिटी समेत शेंद्रा-वालूज औद्योगिक क्षेत्र में चार कंपनियां कुल 8,296 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी। प्रस्तावित परियोजनाओं से करीब 9,547 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
छत्रपति संभाजीनगर, जिले के औद्योगिक विकास को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है। ऑरिक सिटी समेत शेंद्रा-वालूज औद्योगिक क्षेत्र में चार कंपनियों की प्रस्तावित परियोजनाओं के जरिए करीब 8,296 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इन परियोजनाओं से लगभग 9,547 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की जानकारी है।
मुंबई में कंपनियों और महाराष्ट्र सरकार के बीच हुए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के बाद जिले में बड़े औद्योगिक निवेश का रास्ता साफ हुआ है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में ‘महाराष्ट्र इन्वेस्ट’ पहल का शुभारंभ किया। इस दौरान विभिन्न कंपनियों ने राज्य में करीब 8.50 लाख करोड़ रुपए के निवेश की तैयारी जताई।
इसी पहल के तहत छत्रपति संभाजीनगर जिले में चार कंपनियों ने अपनी प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार के साथ एमओयू किए हैं। इनमें एनपीएसपीएल एडवांस्ड मटेरियल्स लिमिटेड द्वारा धातु एवं खनन क्षेत्र में करीब 5,000 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव शामिल है। इस परियोजना से लगभग 3,000 रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है।
वहीं, स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने शेंद्रा-वालूज औद्योगिक क्षेत्र में करीब 2,790 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव रखा है। अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में भी जिले में बड़े निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित परियोजनाओं का संबंध बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक्स, निर्माण, डेटा सेंटर, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर तथा धातु एवं खनन जैसे क्षेत्रों से बताया गया है। इससे जिले के औद्योगिक क्षेत्र में पारंपरिक उद्योगों के साथ आधुनिक और तकनीकी क्षेत्रों के विस्तार की संभावना बढ़ी है।
ऑरिक सिटी और शेंद्रा-वालूज जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में नए निवेश आने से स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। इससे तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के साथ-साथ सप्लाई चेन से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिल सकता है।
बड़े निवेश का असर केवल प्रत्यक्ष रोजगार तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। प्रस्तावित परियोजनाओं से स्थानीय लघु एवं मध्यम उद्योगों, सप्लायर्स, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और सहायक इकाइयों के लिए भी कारोबार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।
विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक और निर्माण क्षेत्र को इन परियोजनाओं से गति मिलने की संभावना है। इससे छत्रपति संभाजीनगर को मराठवाड़ा के प्रमुख विनिर्माण और तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मजबूती मिलने की उम्मीद है।