Chhatrapati Sambhajinagar Unauthorized Plotting: छत्रपति संभाजीनगर के आंबेडकर नगर रोड पर सनी सेंटर के पीछे गट क्रमांक 124 और 125 की करीब 41 एकड़ जमीन पर की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ महानगरपालिका ने बड़ी कार्रवाई की है।
मनपा की अतिक्रमण विभाग की टीम ने इस पूरे क्षेत्र में लगाए गए 810 अवैध प्लॉटों की मार्किंग, सीमांकन और हदबंदी की निशानियां निष्कासित कर दीं। संबंधित जमीन वर्ग-2 की होने के कारण इसके लेआउट को मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बावजूद जमीन पर प्लॉटों की निशानियां लगाकर उन्हें विकसित करने का प्रयास किए जाने पर मनपा ने कार्रवाई की।
यह कार्रवाई मनपा आयुक्त अमोल येडगे के नेतृत्व में तथा अतिक्रमण विभाग के सनियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले के मार्गदर्शन में की गई। संतोष वाहुले ने बताया कि गट क्रमांक 124 और 125 की जमीन वर्ग-2 श्रेणी में आती है। भूमि अभिलेख में इस जमीन के नाम के रूप में श्रीराम मंदिर संस्थान बालाजी मठ दर्ज है। संबंधित जमीन को लेआउट के लिए प्रस्तुत किया गया था, लेकिन वर्ग-2 की जमीन होने के कारण लेआउट को मंजूरी नहीं मिली थी।
मनपा प्रशासन को संबंधित क्षेत्र में बिना आवश्यक मंजूरी प्लॉटिंग किए जाने की जानकारी मिलने के बाद अतिक्रमण विभाग की ओर से कार्रवाई की गई। जांच के दौरान करीब 41 एकड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्लॉटों की सीमाएं निर्धारित करने के लिए मार्किंग और हदबंदी की गई पाई गई। इसके बाद मनपा की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सभी निशानियों को हटाया।
अधिकारी संतोष वाहुले के अनुसार, वर्ग-2 की जमीन पर नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के बिना लेआउट विकसित नहीं किया जा सकता। संबंधित जमीन का लेआउट मंजूर नहीं होने के बावजूद प्लॉटों की मार्किंग किए जाने के कारण मनपा ने इसे अनधिकृत गतिविधि मानते हुए कार्रवाई की।
इस कार्रवाई के बीच संबंधित जमीन के एक प्लॉट को लेकर 24 अप्रैल 2025 का इकरारनामा भी सामने आया है। दस्तावेज में गट क्रमांक 124 और 125 के प्लॉट क्रमांक 06 का क्षेत्रफल 2,458 वर्गफुट और कीमत 1 करोड़ 16 लाख 1 हजार 760 रुपए दर्ज है। इसमें 11 लाख रुपए प्राप्त होने तथा शेष राशि बाद में अदा किए जाने का उल्लेख है। दस्तावेज में प्लॉट की चारों दिशाओं की सीमाएं भी दर्ज हैं।
इकरारनामा में श्री रामानंद बिल्डर्स एंड लैंड डेवलपर्स की ओर से मुकुंद गंगाधरराव कुलकर्णी तथा खरीदार के रूप में प्रभाकर गणपतराव मोहिते के नाम दर्ज हैं। हालांकि संबंधित दस्तावेज में किए गए करार और जमीन की वैधता का अंतिम निर्धारण संबंधित सक्षम प्राधिकरण के अभिलेखों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
मनपा प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीन पर किए गए प्लॉटों की स्थिति और उनकी वैधता का मुद्दा भी सामने आया है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जमीन या प्लॉट की खरीद से पहले उसके भूमि अभिलेख, स्वामित्व, जमीन का वर्ग और सक्षम प्राधिकरण से प्राप्त लेआउट मंजूरी की पूरी जानकारी जांच लें। केवल प्लॉट की हदबंदी या मार्किंग देखकर जमीन खरीदने से बचने की सलाह दी गई है।