APMC Issues Maharashtra: कृषि उपज मंडी समितियों (APMC) से जुड़े विभिन्न मुद्दों, मार्केट सेस, सर्विस व यूजर चार्जेस तथा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर और महाराष्ट्र राज्य व्यापारी कृति समिति के प्रतिनिधियों की विपणन मंत्री जयकुमार रावल के साथ मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में मंत्री रावल ने आश्वासन दिया कि किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के हितों में संतुलन बनाते हुए बाजार समितियों से जुड़े मुद्दों का सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा।
ठाणे जिला होलसेल व्यापारी वेलफेयर महासंघ के अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र चैंबर के कमेटी सदस्य सुरेशभाई ठक्कर ने बताया कि बैठक में व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं और APMC व्यवस्था में आवश्यक सुधारों पर चर्चा हुई। मंत्री रावल ने कहा कि सरकार की भूमिका किसानों, व्यापारियों और बाजार समितियों को सहयोग देने की है। निर्णय लेते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी वर्ग के हितों को नुकसान न पहुंचे।
व्यापारी संगठनों ने दोहरे कराधान (डबल टैक्सेशन) का मुद्दा भी उठाया। इस पर मंत्री ने संगठनों से ज्ञापन प्रस्तुत करने को कहा और आश्वासन दिया कि जीएसटी कमिश्नर के साथ चर्चा कर उचित समाधान तलाशा जाएगा। बैठक में सर्विस व यूजर चार्जेस रद्द करने, मार्केट सेस के स्थान पर मेंटेनेंस चार्ज लगाने, बाजार समितियों से संबंधित कानूनों में समयानुकूल बदलाव करने तथा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के अनुरूप व्यवस्था विकसित करने की मांग रखी गई।
बैठक में महाराष्ट्र चैंबर के उपाध्यक्ष व कोल्हापुर चैंबर के अध्यक्ष संजय शेटे, चैंबर ऑफ एसोसिएशंस ऑफ महाराष्ट्र इंडस्ट्री एंड ट्रेड के प्रेसिडेंट दीपेन अग्रवाल, चेयरमैन मोहन गुरनानी, पूना मर्चेंट्स चैंबर के अध्यक्ष राजेंद्र बाठिया, ठाणे जिला होलसेल व्यापारी वेलफेयर महासंघ के अध्यक्ष सुरेशभाई ठक्कर, अजित कोठारी, शरद शाह, सुरेश चिकली, कोल्हापुर ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव पारीख और प्रफुल्ल संचेती सहित व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस दौरान अध्यक्ष रवींद्र माणगावे ने चेतावनी दी कि यदि मार्केट सेस वापस लेने पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 2 अक्टूबर से असहयोग आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत व्यापारी मार्केट सेस की वसूली नहीं करेंगे और इसे बाजार समितियों में जमा भी नहीं करेंगे।