Aditya Thackeray In Chhatrapati Sambhajinagar: उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी विधायक व युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछली अतिवृष्टि के दौरान घोषित 32,000 करोड़ रुपये के पैकेज की सहायता राशि अब तक कई किसानों तक नहीं पहुंची है।
उन्होंने कहा कि इस बार सिर्फ सरकारी निर्णय या घोषणा से काम नहीं चलेगा, बल्कि वास्तविक मदद अन्नदाताओं तक पहुंचना जरूरी है। यदि सूखा घोषित करने में देर हुई है, तो सहायता के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों को दरकिनार कर किसानों को तत्काल राहत प्रदान करें। सहायता के क्रियान्वयन को लेकर सरकार से स्पष्टता व समय सीमा बताने की पुरजोर मांग भी उन्होंने की।
राज्य में सूखे जैसी स्थिति के आलोक में विधायक आदित्य ठाकरे ने रविवार, 27 सितंबरको जिले के गंगापुर तहसील के भगतवाड़ी-मुर्शिदाबाद क्षेत्र का दौरा कर फसल स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित किसानों से संवाद कर वर्षा की कमी से उत्पन्न समस्याओं व सरकार से अपेक्षित मदद की जानकारी ली।
मराठवाड़ा में प्राकृतिक आपदा से 653 किसानों की खुदकुशी का दावा करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि उत्पन्न स्थिति सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है, बदलती परिस्थितियों के चलते आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए सरकार तत्काल, पारदर्शी व सीधे किसानों तक पहुंचने वाली राहत व्यवस्था तैयार करें।
इस दौरान विधायक अंबादास दानवे, कैलास पाटील, राहुल पाटील, पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे और उपनेता सुभाष पाटील समेत कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्य में सूखा घोषित करने की मांग विभिन्न स्तरों से लगातार की जा रही थी।
किसानों की समस्याओं और फसल की स्थिति को देखते हुए सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपेक्षा थी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार पहले ही अकाल घोषित कर चुकी है, जबकि महाराष्ट्र में भी किसानों को राहत की जरूरत थी।
ठाकरे ने दावा किया कि उनके दौरे की शुरुआत के बाद राज्य में सूखा घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि अब केवल घोषणा तक सीमित न रहते हुए सरकार को प्रभावित किसानों तक राहत और सहायता सीधे पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।