चंद्रपुर

घरों, दुकानों, गलियों सड़कों पर पानी ही पानी, सीटीपीएस नियोजन में कमी का नतीजा

नवभारत डेस्क
  • जगह-जगह पर वाल कंपाउंड तोड़ा 

दुर्गापुर: पहला दिन की अतिवृष्टि ने संबंधित सभी विभागों के पोल खोल कर रख दी. मंगलवार को इस प्रकार का नजारा देखने को मिला जो 2006 और 2013 के अतिवृष्टि में देखने को मिला था. पिछले कई बारों के अनुभव के बाद भी सिटीपीएस प्रबंधन ने कोई सबक नहीं ली, जिसके कारण सुमित्रा नगर से  कोयना गेट तक जलभराव को कम करने के लिये अनेकों जगहों पर चारदीवारी तोड़नी पड़ी. 

सुमित्रा नगर, वैद्यनगर, केसरीनंदन नगर, समता नगर, नेरी, नेहा नगरी, दुर्गापुर वार्ड नं 3 व 4, वेकोलि कॉलोनी शक्ति नगर, विस्थापित गाँव सिनाला-मसाला तक में पानी ही पानी का नज़ारा बना रहा. कई दुकानों, दर्जनों घरों में 1 से ढाई फ़ीट तक पानी घुस गया था. घरों दुकानों और सड़कों पर पानी जमा होने के मुख्य कारण सिटीपीएस प्रबंधन है.

ताडोबा रोड के किनारे सिटीपीएस ने 10 फ़ीट का चारदीवारी बना रखा है. परंतु तेज बारिश के पानी का निकासी उचित व्यवस्था नहीं किया. यही कारण है कि जब भी तेज बारिश होता है तो सिटीपीएस के चारदीवारी ने पानी निकलने में बाधा उत्पन्न कर देता है. नतीजन पानी जमा होने से घरों में पानी घुसने लगता है. बाद में जेसीबी से चारदीवारी को तोड़कर पानी बाहर निकाला जाता है. इस बार भी यही हुआ. ग्रामपंचायत की नाली की सफाई की कमी भी है. 

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