चंद्रपुर: ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व की बाघिन नयनतारा के 23 सेकंड के वीडियो को इटली में इटालियन ग्रीन फिल्म फेस्टिवल पुरस्कार समारोह में गोल्डन लीफ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कुछ महीने पहले ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के निमढेला बफर क्षेत्र में बहते नाले से प्लास्टिक की बोतल निकालते हुए बाघिन नयनतारा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। 23 सेकंड के इस वीडियो की चर्चा दुनिया भर में हुई थी। वन्यजीव प्रेमी और वन्यजीव फोटोग्राफर दीप कथिकर द्वारा यह वीडियाे लिया गया था।
फोटोग्राफर दीप कथिकर के द्वारा लिए गए इस में ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व की बाघिन नयनतारा बफर क्षेत्र में बहते एक में से प्लास्टिक की बोतल निकालती दिखाई दे रही है। बाघिन के इस प्यारे वीडियो ने सोशल मीडिया पर जमकर सूर्खियां बटोरी थी।
वीडियो दो संदेश देता है, एक बाघिन की पर्यावरणीय चिंता और दूसरा ताडोबा प्रबंधन की गैरजिम्मेदारी वन्यजीवों के लिए कैसे खतरा पैदा कर सकती है। दीप कथिकर द्वारा फिल्माए गए इस वीडियो को दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं मिली हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भावनात्मक वीडियो पर टिप्पणी की है, अब इटली ने भी इसी वीडियो पर ध्यान दिया है और जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, वनों की कटाई जैसी प्रकृति से संबंधित लघु फिल्मों को पुरस्कार दिए गए हैं और दीप कथिकर की 23 सेकंड की नयनतारा वाघिनी लघु फिल्म को पुरस्कृत किया गया।
ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान महाराष्ट्र का एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है जो चंद्रपुर जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1955 में हुई थी यह महाराष्ट्र का पहला राष्ट्रीय उद्यान है। पार्क की मुख्य विशेषता पार्क में पाए जाने वाले मगरमच्छ और गावा हैं। ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व महाराष्ट्र में एक बाघ रिजर्व है। यहां बहुतायत में बाघ रहते हैं। यह परियोजना ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान की 116.55 किमी क्षेत्र और अंधारी अभयारण्य का 508.85 किमी दो क्षेत्र संयुक्त रूप से गठित है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 625 वर्ग किमी है।
ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान का मुख्य आकर्षण ओपन टॉप जिप्सी में जंगल या टाइगर सफारी है। यहां मध्य भारत की कुछ बेहतरीन देशी वुडलैंड पक्षी प्रजातियां इस जंगल में पाई जाती हैं। रॉयल बंगाल टाइगर्स के अलावा ताडोबा में तेंदुआ, चीतल, चिंकारा, लंगूर, नीलगाय, भौंकने वाला हिरण, नीला बैल, चित्तीदार हिरण, उड़ने वाली गिलहरी, सुस्त भालू, गौर, ढोल, धारीदार लकड़बग्घा, जंगली बिल्ली, सांभर, चौसिंगा और भारतीय सिवेट भी देखने को मिलते हैं।