Highlights
ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की योजना।
महाराष्ट्र सरकार और विश्व बैंक की परियोजना में चार प्रमुख पर्यटन क्षेत्र शामिल।
विदेशी पर्यटकों की संख्या में 10% से अधिक वृद्धि का लक्ष्य।
डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गनाइजेशन के लिए 41 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
MTDC की 10 संपत्तियों और रिसॉर्ट्स को निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता से संचालित करने की योजना।
चिखलदरा, सिंधुदुर्ग और सोलापुर-धाराशिव के पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जाएगा।
World Bank Maharashtra Project: मध्य भारत की 'टाइगर कैपिटल' के रूप में विश्व प्रसिद्ध नागपुर संभाग के चंद्रपुर में ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नए और भव्य रूप में प्रमोट किया जाएगा।
महाराष्ट्र राज्य में विकास को बढ़ावा देने के लिए जिलों में संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने वाले महाराष्ट्र सरकार और विश्व बैंक के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम 'महाराष्ट्र स्ट्रेंग्दनिंग इंस्टीट्यूशनल कैपेबिलिटीज डिर्सट्रक्ट्स फॉर इनेबलिंग ग्रोथ' के माध्यम से ताडोबा सहित विदर्भ के अमरावती जिले में स्थित चिखलदरा और सिंधुदुर्ग और सोलापुर-धाराशिव में पर्यटन क्षेत्रों का कायाकल्प किया जाएगा।
विश्व बैंक की इस परियोजना के तहत ताडोबा में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस परियोजना से ताडोबा वैश्विक पर्यटन पटल पर चमकेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन निदेशालय ने विश्व बैंक के सहयोग से शुरू हो रहे 'महाराष्ट्र स्ट्रेंग्दंनिंग इंस्टीट्यूशनल कैपेबिलिटीज डिस्ट्रक्ट्स फॉर इनेबलिंग ग्रोथ' प्रोजेक्ट के तहत ताडोबा को केंद्र में रखते हुए राज्य के 4 प्रमुख टूरिज्म सर्किटों का कायाकल्प करने की योजना बनाई है।
ताडोबा के साथ-साथ विदर्भ के इन अमरावती (चिखलदरा), कोंकण के सिंधुदुर्ग (तटीय व किला पर्यटन) और मराठवाड़ा-पश्चिम महाराष्ट्र के धाराशिव-सोलापुर (धार्मिक व ऐतिहासिक पर्यटन) में विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन सभी क्षेत्रों में पर्यटन को गति देने के लिए समर्पित 'डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन' का गठन किया जाएगा।
ताडोबा और विदर्भ में विदेशी पर्यटकों की संख्या 10% बढ़ाने का लक्ष्य, डेटा ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल होगी आधुनिक तकनीक विश्व बैंक की परियोजना का एक प्रमुख वित्तीय लक्ष्य चयनित पर्यटन स्थलों में विदेशी पर्यटकों की आवक में उल्लेखनीय वृद्धि करना है।
प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले राज्यव्यापी सर्वे एजेंसी और डीएमओ के माध्यम से ताडोबा, चिखलदरा और सिंधुदुर्ग जैसे क्षेत्रों में आने वाले विदेशी पर्यटकों का सटीक बेसलाइन डेटा तैयार किया जाएगा।
पर्यटकों के आने-जाने और उनके ठहराव का सटीक आंकड़ा जुटाने के लिए पारंपरिक सर्वे के साथ-साथ 'मोबाइल पोजिशनिंग डेटा' और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा।
विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म एक्सपो, ट्रेड फेयर और रोडशो का आयोजन किया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया सेंटीमेंट एनालिसिस और डिजिटल मार्केटिंग अभियानों के जरिए ताडोबा की सफारी की ग्लोबल ब्रांडिंग होगी।
डीएमओ की स्थापना और संचालन के लिए 41 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। विश्व बैंक द्वारा इस परियोजना के तहत विदेशी पर्यटकों की संख्या में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज होने पर 4.1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मुहैया जाएगी।
ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व एवं वाइल्डलाइफ सर्किट
चिखलदरा हिल स्टेशन और मेलघाट वाइल्डलाइफ क्षेत्र
विजयदुर्ग किला, सिंधुदुर्ग किला, देवबाग, तारकरली-निवती बीच व हिल स्टेशन
नलदुर्ग किला, पंढरपुर और तुलजापुर धार्मिक स्थल सर्किट
महाराष्ट्र स्ट्रेंग्थेनिग इंस्टीट्यूशनल कैपेबिलिटीज इन डिस्ट्रक्ट फॉर एनेवलिंग ग्रोध' परियोजना महाराष्ट्र सरकार और विश्व बैंक का एक संयुक्त महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र को वर्ष 2027 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति प्रदान करना है।
इसी दिशा में जिला स्तर पर योजना और क्रियान्वयन की क्षमताओं को मजबूत करने, डेटा आधारित नीतियां बनाने, प्राइवेट कैपिटल को आकर्षित करने और पर्यटन सेवाओं को डिजिटल बनाना है।
इसी के लिए परियोजना के तहत डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीएमओ) का गठन होगा जो किसी पर्यटन स्थल के सर्वांगीण विकास, प्रचार-प्रसार और प्रबंधन के लिए गठित संस्था होती है।
इस प्रोजेक्ट के तहत यह डीएमओ ताडोबा, सिंधुदुर्ग, चिखलदरा और सोलापुर-धाराशिव मै स्थानीय प्रशासन, वन, पर्यटन विभाग और निजी पर्यटन संचालकों के बीच बेहतर तालमेल बनाएगी। इसका मुख्य कार्य हर स्थल के लिए समर्पित 'डेस्टिनेशन मैनेजमेंट प्लान तैयार करना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग करना, स्थानीय युवाओं, जिप्सी चालकों और हॉस्पिटैलिटी स्टाफ का कौशल विकास करना होगा।
साथ ही विश्व बैंक की इस परियोजना में एमटीडीसी के रिसॉर्ट्स का प्राइवेट ऑपरेटरों के साथ कमर्शियलाइजेशन कर पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सुविधाए देने पर भी जोर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत राज्य सरकार और विश्व बैंक का विशेष जोर पर्यटन क्षेत्र में निजी पूंजी निवेश को बढ़ावा देने पर है।
इसके तहत महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (एमटीडीसी) की 10 प्रमुख संपत्तियों और रिसॉर्ट्स को निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता से संचालित करने का फैसला किया गया है। इसमें ताडोबा सहित यह चारों पर्यटन स्थल भी शामिल है।
निजी कंपनियां इन संपत्तियों का बुनियादी ढांचा सुधारेंगी, लग्जरी सुविधाएं और विश्व स्तरीय हॉस्पिटैलिटी सेवाएं प्रदान करेंगी, संपतियों का सफलतापूर्वक कमर्शियलाइजेशन पूरा होने पर लगभग 20।5 करोड़ का फंड भी दिया जाएगा।