Chandrapur Coal Transportation: चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर और राजुरा क्षेत्र की कोयला खदानों से स्थानीय ट्रक मालिकों के माध्यम से वर्षों से किए जा रहे कोयला परिवहन का काम अब बाहरी राज्यों के वाहनों को दिए जाने का आरोप स्वतंत्र ट्रक बालक मालिक वाहतूक वेलफेयर एसोसिएशन, राजुरा ने लगाया है। एसोसिएशन ने इस संबंध में विधायक देवराव भोंगले को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई कर स्थानीय ट्रक मालिकों को न्याय दिलाने की मांग की है।
एसोसिएशन के अनुसार बल्लारपुर व राजुरा क्षेत्र की कोयला खदानों से नीलामी तथा फैक्ट्रियों के डीओ के माध्यम से कोयले की ढुलाई का काम वर्षों से स्थानीय सिंगल ट्रक मालिकों द्वारा किया जाता रहा है। इसी परिवहन से स्थानीय वाहन मालिकों और उनके परिवारों की आजीविका चलती है। स्थानिय ट्रक मालिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बड़े व्यापारियों, कार्टिंग संचालकों और बड़े ट्रांसपोर्टरों द्वारा बाहरी राज्यों के वाहनों एवं टिप्परों से कम किराये पर कोयला परिवहन कराया जा रहा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि स्थानीय ट्रक मालिकों द्वारा कोयला परिवहन के परमिट मांगने पर कथित तौर पर पैसों की मांग की जाती है अथवा अपशब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे स्थानीय ट्रक मालिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ी घटना हो सकती है। ज्ञापन में पवनी, सास्ती और साखरी खदानों में बाहरी वाहन चालकों द्वारा स्थानीय लोगों से कथित गाली-गलौज और मारपीट की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि कार्टिंग एवं सुपरवाइजरी से जुड़े लोगों के आग्रह पर कई मामलों में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
राजुरा विधायक देवराव भोंगले ने कहा कि स्थानीय लोगों को प्राथमिकता का नियम है। इसे दरकिनार कर यदि अन्याय किया जाता है तो मुझे सामने आना पड़ेगा। मैं हमेशा स्थानीयों के साथ हूं। इस समस्या पर जल्द समाधान का काम होगा।