लापता प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)  
चंद्रपुर

चंद्रपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी; 5 साल में खोजे गए 1,155 लापता बच्चे, ऑपरेशन मुस्कान से लौटी घरों में रौनक

Chandrapur Police News: चंद्रपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' और 'ऑपरेशन खोज' के तहत पिछले 5 वर्षों में 1,155 लापता बच्चों को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों को सौंपा है। 21 बच्चों की तलाश अब भी जारी है।

केतकी मोडक

Chandrapur Missing Children Rescue Operation: चंद्रपुर जिला पुलिस ने लापता एवं अपहृत बच्चों की तलाश के लिए चलाए गए विशेष अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2021 से मई 2026 तक जिले में कुल 1,176 बच्चों के लापता होने के मामले दर्ज हुए थे। इनमें से 1,155 बच्चों को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। फिलहाल 21 मामलों में पुलिस का तलाश अभियान तेजी से जारी है। जिला पुलिस के अनुसार, प्रत्येक लापता एवं अपहृत बच्चे का पता लगाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के पुलिस महानिदेशक तथा महिला एवं बाल अपराध प्रतिबंध विभाग के मार्गदर्शन में 'ऑपरेशन खोज' और 'ऑपरेशन मुस्कान' प्रभावी ढंग से संचालित किए जा रहे हैं।

यहां करें संपर्क

यदि कोई बच्चा, महिला या पुरुष लापता हो जाए अथवा उसके अपहरण की जानकारी मिले, तो नागरिक तुरंत नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें या आपातकालीन नंबर 112 अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। यह अपील चंद्रपुर जिला पुलिस ने की है।

अभिभावकों से संवाद बनाए रखने की अपील

चंद्रपुर पुलिस ने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने, उनके मित्रों, मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखने, उनकी मानसिक समस्याओं को समझने तथा विश्वास का वातावरण तैयार करने की अपील की है। आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों और पुलिस की मदद लेने की भी सलाह दी गई है। 'सुरक्षा का मंत्र आधुनिक दुनिया में एक कदम आगे' जनजागरूकता अभियान के तहत जिले में 25 हजार (25,000) जागरूकता पुस्तिकाओं का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा स्कूलों में भ्रमण, पालक-शिक्षक बैठकें, व्याख्यान, लघु फिल्में और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बाल सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता चलाई जा रही है।

विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय

इन अभियानों के तहत ट्रैक चाइल्ड पोर्टल, सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रणाली, तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग तथा विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों की तलाश की जा रही है। जिले के प्रत्येक पुलिस थाने में मिसिंग सेल गठित किया गया है, जो सूचना संकलन, तकनीकी जांच और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर मामलों की जांच करता है। इसके अलावा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की सहायता से भी खोज अभियान को और प्रभावी बनाया गया है।

वर्षवार आंकड़े

वर्ष लापता (बच्चे) बरामद (बच्चे)
2021 226 224
2022 241 240
2023 232 230
2024 186 182
2025 196 193
2026 (मई तक) 95 86
कुल 1,176 1,155

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