बम विस्फोट की झूठी सूचना- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया) 
चंद्रपुर

मूल में बम विस्फोट की झूठी सूचना देने वाला आरोपी गिरफ्तार, डायल 112 पर किया था फर्जी कॉल

Chandrapur Accused Arrested : मूल शहर में बम विस्फोट की झूठी सूचना देकर पुलिस प्रशासन को गुमराह करने वाले 24 वर्षीय आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

आंचल लोखंडे

Chandrapur Fake Bomb Blast Information: चंद्रपुर जिले के मूल शहर में बम विस्फोट की झूठी सूचना देकर पुलिस प्रशासन को गुमराह करने वाले 24 वर्षीय आरोपी को मूल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने आपातकालीन नंबर डायल 112 पर फोन कर शहर में बम धमाका होने की जानकारी दी थी। जांच में सूचना पूरी तरह फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई की रात मूल पुलिस थाने के कर्मचारी श्रीकांत गजानन वाढई और सहायक फौजदार योगेश्वर भेंडारे रात्रि ड्यूटी पर तैनात थे। रात करीब 9:43 बजे से 10:15 बजे के बीच डायल 112 हेल्पलाइन पर एक मोबाइल नंबर से लगातार कॉल आए। कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि मूल शहर में रोशन मेश्राम नाम का व्यक्ति बम विस्फोट करने वाला है और तत्काल मदद भेजी जाए। शहर की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत सतर्क हुई और टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस जांच शुरू की।

बम धमाके की फर्जी कॉल से मचा हड़कंप

पुलिस जांच में सामने आया कि ऐसी कोई घटना होने की संभावना नहीं थी और डायल 112 पर दी गई जानकारी पूरी तरह झूठी एवं भ्रामक थी। इसके बाद पुलिस ने कॉल करने वाले व्यक्ति की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मूल शहर के वार्ड क्रमांक 16 स्थित दुर्गा मंदिर के सामने एक व्यक्ति शराब के नशे में मिला। पूछताछ में उसकी पहचान रोशन बंडू मेश्राम के रूप में हुई। उसने स्वीकार किया कि शराब के नशे में उसी ने पुलिस को फर्जी सूचना दी थी। उपजिला अस्पताल मूल में कराई गई मेडिकल जांच में भी उसके नशे में होने की पुष्टि हुई।

शराब के नशे में आरोपी ने दी थी झूठी जानकारी

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बिना किसी कारण केवल पुलिस को परेशान करने और मजाक के उद्देश्य से झूठी सूचना दी, जिससे सरकारी संसाधनों, कर्मचारियों और समय का नुकसान हुआ। पुलिस कर्मचारी श्रीकांत वाढई की शिकायत पर आरोपी रोशन बंडू मेश्राम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 297 और महाराष्ट्र शराबबंदी अधिनियम 1949 की धारा 85 (1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस उपनिरीक्षक महेश केलझरकर कर रहे हैं।

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