Chandrapur Supreme Court Reservation Hearing: स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत की तय मर्यादा से अधिक आरक्षण निकाले जाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में 21 और 22 जुलाई को अंतिम सुनवाई होने जा रही है। जिससे तय सीमा से अतिरिक्त आरक्षण निकालकर चुनाव लिए जाने वाली जिले की कुछ नगर पालिकाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। स्थानीय निकायों में अतिरिक्त आरक्षण निकाले जाने के विषय पर सुप्रीम कोर्ट में 21 एवं 22 जुलाई को अंतिम सुनवाई होने जा रही है।
ज्ञात रहे कि जिले में 10 नगर पालिकाओं तथा एक नगर परिषद के लिए दिसंबर माह में चुनाव लिए गए थे। जिनमें मूल, बल्लारपुर, राजुरा, घुग्घुस, भद्रावती, गड़चांदुर, वरोरा, चिमूर, नागभीड़, ब्रम्हपुरी, और भिसी नगर पंचायत का समावेश था। उल्लेखनीय है कि, अतिरिक्त आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर कोर्ट ने वर्ष 2010 में एक फैसला सुनाया था, जिसमें कोर्ट ने साफ तौर पर यह कहा था कि, स्थानीय निकायों में किसी भी सूरत में 50 प्रतिषद से अधिक आरक्षण मान्य नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के उक्त फैसले के मद्देनजर ब्रम्हपुरी नगर परिषद में निकाले गए 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण के चलते इस नगर परिषद का भविष्य अब सुप्रीम कोर्ट में 21 जुलाई को हो रही सुनवाई पर निर्भर हो गया है। 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण निकाले जाने वाली जिले की अन्य नगर परिषदों का भविष्य भी अब अधर में दिखाई दे रहा है। जिले की मूल नगर परिषद में भी 54 प्रतिशत आरक्षण निकाला गया है।
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चंद्रपूर शहर महानगरपारिवा यह भी उल्लेखनीय है कि, 2 दिसंबर को हुए नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के इस चुनाव में जिले में कुछ नगर पालिकाओं में आरक्षण की 50 प्रतिशत की तय सीमा से अधिक आरक्षण निकाले जाने का आरोप है। ब्रम्हपुरी नगर परिषद के लिए 24 अक्टूबर 2025 को आरक्षण का ड्रा निकाला गया था, तथा इस नगर परिषद में 52।17 प्रतिशत आरक्षण निकाला गया था।