बाघ के हमले में किसान की मौत (सौजन्य-नवभारत) 
चंद्रपुर

Chandrapur: नागभीड़ में बाघ का खौफनाक हमला, आकापुर के किसान की दर्दनाक मौत से मची सनसनी

Farmer Killed in Tiger Attack: नागभीड़ में बाघ का खौफ अब बढ़ता जा रहा है। नागभीड़ क्षेत्र में बाघ के किसान पर हमला करने की खबर सामने आई है। जिसमें किसान की मौत हो गई है।

प्रिया जैस

Chandrapur News: नागभीड़ संभाग में खेत में काम कर रहे धारीदार बाघ ने हमला कर उसे मौके पर ही मार डाला। यह घटना शनिवार (25 अक्टूबर) की सुबह ब्रह्मपुरी वन विभाग के अंतर्गत तलोधी वन क्षेत्र के आकापुर के खेत में हुई। मृतक किसान का नाम वासुदेव सितकुरा वेटे (58, निवासी आकापुर) है। इन घटनाओं से नागरिक भयभीत हैं।

बाघ को नियंत्रित करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने तलोधी वन क्षेत्र अधिकारी लक्ष्मी शाह को घेराव किया और घटना को लेकर रोष व्यक्त किया है। शुक्रवार की शाम करीब 5 बजे आकापुर निवासी किसान वासुदेव सितकुरा वेटे अपने खेत में जंगली जानवरों से धान की फसल की रक्षा के लिए पटाखे फोड़ने गए थे।

घात लगाए बैठा था बाघ

हालांकि, उसी क्षेत्र में समूह संख्या 249 में एक किसान पर घात लगाए बैठे एक धारीदार बाघ ने उन पर हमला कर दिया। जिससे वासुदेव की मौत हो गई। बाघ किसान के शव को खींचते हुए जंगल की ओर ले गया। खेत में गया व्यक्ति जब वापस नहीं लौटा तो शनिवार की सुबह परिजनों ने खोजबीन की खेत में धान की फसल में बाघ के पंजे के निशान मिले। खोजबीन की गई तो वासुदेव वेटे का शव मिला।

घटना की जानकारी मिलते ही तलोधी बा के वन परिक्षेत्राधिकारी लक्ष्मी शाह, वनपरिक्षेत्र सहायक माने, गोविंदपुर से क्षेत्र सहायक वाकडे, सामाजिक वानिकी के वनपरिक्षेत्र अधिकारी अनूप कन्नमवार, वनरक्षक भरणे, तलोधी बा। थानेदार राहुल गुहे, पीएसआई लांबट, घटनास्थल पर पहुंचे। वन विभाग जब पंचनामा कर रहा था और शव को पोस्टमार्टम के लिए नागभीड़ ले जाया जा रहा था, तब ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों पर अपना गुस्सा जाहिर किया वन विभाग से लिखित सुरक्षा का आश्वासन प्राप्त किया गया।

जंगली जानवरों पर नियंत्रण की मांग

तलोधी वन क्षेत्र में बड़ी संख्या में जंगली जानवर गांवों में घुसकर हमला कर रहे हैं, इसलिए, इस क्षेत्र के किसानों ने अधिकारियों के प्रति अपना रोष व्यक्त किया है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी को हटाने व नए वन क्षेत्र अधिकारी की नियुक्ति की मांग की है।

इस समय, आकापुर के सरपंच कुणाल गहाणे, आकापुर के पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य वेंकटेश भाकरे, संजय गजपुरे, पूर्व पंचायत सदस्य संतोष रडके, भाजपा मंडल अध्यक्ष हेमत लांजेवार आदि सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक बाघ पर नियंत्रण की मांग को लेकर आगे आए।

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