Chandrapur Ashram School News: चिमूर परियोजना अंतर्गत जांभूलघाट स्थित आदिवासी पोस्ट बेसिक आश्रमशाला में छात्र का अर्धमुंडन किए जाने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले में मुख्याध्यापक प्रशांत गिरी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। हालांकि, घटना का फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले सहायक शिक्षक लीलाधर पिसे के खिलाफ कार्रवाई कब होगी, यह सवाल अभिभावकों की ओर से उठाया जा रहा है।
वहीं अधीक्षक प्रशांत आत्राम की भूमिका की भी जांच होगी या नहीं, इस पर अभिभावकों और नागरिकों किसने खींचा, वह सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, इसकी भी जांच की मांग की जा रही है। मुख्याध्यापक पर कार्रवाई के बाद अब प्रशासन इस घटनाकी नजर है। छात्र के अर्धमुंडन का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया। ऐसे में फोटो से जुड़े अन्य लोगों की जिम्मेदारी तय करने के लिए क्या कदम उठाता है, यह सवाल बना हुआ है। अभिभावकों ने अपर आयुक्त, नागपुर से इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच समिति गठित कर गहन एवं -निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अर्धमुंडन की घटना के साथ ही स्कूल की पोषण आहार व्यवस्था, छात्रों के बाल कटवाने पर होने वाला खर्च प्रशासन की कार्यप्रणाली, शिक्षकों की भूमिका तथा कथित आंतरिक गुटबाजी की भी जांच की मांग जोर पकड़ रही है। छात्र का अर्धमुंडन आखिर किसके निर्देश पर किया गया? घटना की जानकारी प्रशासन को कब मिली ? छात्र के फोटो का इस्तेमाल किस तरह हुआ? संबंधित शिक्षक और अधिकारियों की भूमिका क्या थी? इन सभी सवालों की गहन जांच जरूरी है, ऐसा अभिभावकों का कहना है।
जांभूलघाट आश्रमशाला के आंतरिक माहौल को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। स्कूल में दो परस्पर विरोधी गुट होने की चर्चा है। अभिभावकों का आरोप है कि आंतरिक मतभेदों का असर स्कूल के प्रशासनिक कामकाज पर पड़ रहा है। इससे पहले भी इसी आश्रमशाला की पोषण आहार व्यवस्था को लेकर सवाल उठ चुके हैं। बार-बार विवाद सामने आने की पृष्ठभूमि में अब स्कूल के पूरे प्रबंधन की जांच कराने की जरूरत है क्या, यह सवाल भी उठाया जा रहा है।
इस मामले में अब कथित आर्थिक अनियमितता का मुद्दा भी सामने आया है। छात्रों के बाल कटवाने के लिए शासन की ओर से प्रति छात्र करीब 25 रुपए खर्च का प्रावधान होने की बात कही जा रही है। हालांकि, सैलून संचालकों को प्रत्यक्ष रूप से केवल 15 रुपए दिए जाने का आरोप लगाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।