Chandrapur WCL Drill Machine Missing: सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में चूक हो तो जिम्मेदारी किसकी ? और चोरी पर सवाल उठाने वाला कामगार ही कार्रवाई का शिकार बने तो इसे क्या कहा जाए? वेकोलि के चंद्रपुर क्षेत्र को लेकर राष्ट्रीय कोल खदान मजदूर संघ (इंटक) ने ऐसे ही कई सवाल प्रबंधन के सामने रखे हैं। संघ के महामंत्री के.के. सिंह ने वेकोलि के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर कथित चोरी, भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और कामगारों पर दबाव बनाए जाने के मामलों की तत्काल जांच की मांग की है।
इंटक ने लालपेठ ओपन कास्ट की ड्रिल मशीन क्रमांक 97414 TM का मुद्दा सबसे प्रमुखता से उठाया है। पत्र के अनुसार मशीन 18 मार्च 1997 को शुरू हुई थी और उपयोग अवधि पूरी होने के बाद उसे ग्राउंड कर स्क्रैप में बेचने की प्रक्रिया की गई।
संघ का दावा है कि मशीन न तो बेची गई और न ही अब लालपेठ ओपन कास्ट में मौजूद है। करीब 15 टन वजन की पूरी मशीन आखिर गई कहां? संघ ने सवाल किया है कि यदि मशीन चोरी हुई तो जिम्मेदार कौन है और अब तक क्या कार्रवाई हुई? इस मामले में जांच में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण अथवा रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका भी संघ ने जताई है।
कृष्ण कन्हैया सिंह द्वारा 5 अप्रैल को मांगी गई आरटीआई जानकारी का मामला भी पत्र में उठाया गया है। संघ के अनुसार 14 मई को 1,800 शुल्क मांगा गया और 19 मई को शुल्क जमा करने के बावजूद संबंधित दस्तावेज अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए। संगठन ने इसे जानकारी उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी बताते हुए सवाल उठाए हैं।
राष्ट्रीय कोल खदान मजदूर संघ (इंटक) महामंत्री के. के. सिंह ने कहा कि सरकारी संपत्ति की चोरी या अनियमितता पर सवाल उठाना कामगार का अपराध नहीं है। यदि किसी कामगार पर आरोप है तो निष्पक्ष जांच हो, लेकिन वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए। चोरी रोकने की कोशिश करने वाले कामगारों को संरक्षण और न्याय मिलना चाहिए।