जुनोना वन परिक्षेत्र के गिलबिली जंगल में 65 वर्षीय मजदूर कलमसिंह उईके का शव मिला।
मजदूर मंगलवार को बांस के बंडल बांधने के लिए जंगल गए थे, लेकिन शाम को वापस नहीं लौटे।
बल्लारशाह-गोंदिया रेलमार्ग पर मालगाड़ी की टक्कर से मादा सांभर की मौत हुई।
चांदगांव में चार वर्षीय मयंक वलके पर बाघ के शावक ने हमला किया।
Gondia Railway Wildlife Accident: बॉस कटाई के लिए जंगल में गए एक वृद्ध मजदूर की बाघ के हमले में मौत हो गई। बुधवार को जुनोना वन परिक्षेत्र के गिलबिली जंगल में उनका शव मिला।
इस घटना से जंगल में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा का सवाल एक बार फिर सामने आया है। मृतक की पहचान कलमसिंह पंचमसिंह उईके (65, निवासी खापा, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है।
वे जंगल ठेकेदार सुखविंदरसिंह भोये के यहां बांस कटाई का काम करते थे। मंगलवार को वे अन्य मजदूरों के साथ गिलबिली जंगल के कक्ष क्रमांक 460 में बांस के बंडल बांधने गए थे। शाम करीब 5 बजे अन्य मजदूर लौट आए, लेकिन कलमसिंह वापस नहीं आए, उनको तलाश की गई, लेकिन रात होने तक उनका कोई पता नहीं चला।
बल्लारशाह-गोंदिया रेलमार्ग पर वन्यजीवों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार तड़के मालगाड़ी की टक्कर से एक मादा सांभर की दर्दनाक मौत हो गई।
हादसा बंदपुर से करीब 4 किलोमीटर दूर वन विकास महामंडल के जुनीना वन वन्यजीवी की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
लगातार हो रहे हादसों ने परिक्षेत्र के कक्ष क्रमाक 482 में हुआ। इस रेलमार्ग पर अब तक 140 से अधिक कावल-ताडोबा वन्यजीव भ्रमणमार्ग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।
तहसील के ग्राम चांदगांव में मंगलवार, 27 अक्टूबर शाम करीब 6.30 बजे बाघ के शाचक नै चार वर्षीय बालक पर अचानक हमला कर दिया, इस घटना में मयंक अशोक वलके घायल हो गया। उसे तत्काल ब्रह्मपुरी के खिस्तानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मयंक अपने चचेरे भाई रोहित वलके के पीछे-पीछे गांव में अपनी बुआ के घर जा रहा था। दोनों जैसे ही घर के पास पहुंचे और मयंक सदियों तक पहुंचा, तभी यहां मौजूद बाध के शावक ने अचानक उस पर हमला कर दिया।