Chandrapur Education Department: शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का वेतन समय पर जमा होना नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके बावजूद सितंबर माह के वेतन देयक निर्धारित समय में प्रस्तुत नहीं करने पर शिक्षा विभाग ने जिले के चार गटशिक्षणाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
चंद्रपुर, बल्लारपुर, चिमूर और नागभीड़ पंचायत समितियों में देयक समय पर प्रस्तुत नहीं होने से वेतन प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
जिले के 11 तहसीलों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का सितंबर माह का वेतन 30 सितंबर को ही जमा कर दिया गया। विशेष बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों में यह पहली बार बताया जा रहा है कि माह समाप्त होने से पहले ही शिक्षकों का वेतन अदा किया गया। शिक्षा विभाग के अनुसार मुख्याध्यापक एवं केंद्रप्रमुखों से निर्धारित समय में वेतन देयक प्रस्तुत करवाने की जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था की है। इसमें देरी के कारण वेतन वितरण प्रक्रिया प्रभावित हुई।
वेतन में देरी होने पर कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसी को देखते हुए जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई शुरू की गई है। शिक्षकों का वेतन समय पर मिले, इसके लिए विभिन्न शिक्षक संगठन पहले भी प्रशासन को ज्ञापन देकर आंदोलन कर चुके हैं। ऐसे में वेतन देयक प्रस्तुत करने में लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की शिक्षा विभाग की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भविष्य में वेतन वितरण में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पूरी व्यवस्था को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
नोटिस में संबंधित गटशिक्षणाधिकारियों को तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर आगे प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में महाराष्ट्र जिला परिषद जिला सेवा (आचरण) नियमों की संबंधित धाराओं का भी उल्लेख किया गया है।
कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए, इसका जवाब अधिकारियों से मांगा गया है। चंद्रपुर शिक्षणाधिकारीअश्विनी सोनवणे ने कहा कि वेतन समय पर अदा करने के लिए देयक निर्धारित अवधि में प्रस्तुत होना आवश्यक है। चार तहसीलों में देयक समय पर नहीं आने से वेतन प्रक्रिया प्रभावित हुई। संबंधित गटशिक्षणाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।"