Chandrapur Pollution Control Board: अतिप्रदूषित चंद्रपुर में प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चंद्रपुर क्षेत्रीय कार्यालय में पर्याप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी के चलते प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने की बात सामने आई है। विशेष रूप से एक ही क्षेत्रीय अधिकारी पर चंद्रपुर, गड़चिरोली और यवतमाल तीन जिलों की जिम्मेदारी होने से नियमित निरीक्षण और निगरानी कितनी प्रभावी ढंग से हो रही है, इसे लेकर पर्यावरणप्रेमियों ने सवाल उठाए हैं।
चंद्रपुर जिले में करीब 70 बड़े उद्योग हैं और प्रदूषण की स्थिति लंबे समय से गंभीर बनी हुई है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण मंडल के पास पर्याप्त मनुष्यबल नहीं होना चिंता का विषय माना जा रहा है। हाल ही में बल्लारपुर विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने राज्य की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे को चंद्रपुर बुलाकर जिले की प्रदूषण संबंधी स्थिति से अवगत कराया था। इसके बाद दिए गए निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना पालन हुआ, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
चंद्रपुर स्थित एमपीसीबी क्षेत्रीय कार्यालय में एक क्षेत्रीय अधिकारी, एक प्रभारी उपक्षेत्रीय अधिकारी (एसआरओ) और केवल दो फील्ड ऑफिसर कार्यरत होने की जानकारी है। यानी वर्तमान में महज चार अधिकारियों-कर्मचारियों के भरोसे तीन जिलों की प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था संचालित होने का दावा किया जा रहा है।
चंद्रपुर से गड़चिरोली की दूरी करीब 85 किलोमीटर, जबकि यवतमाल 180 किलोमीटर से अधिक दूर है। तीनों जिलों में बड़ी संख्या में उद्योग होने के कारण प्रत्येक उद्योग का नियमित निरीक्षण, शिकायतों की जांच तथा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना सीमित स्टाफ के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। पर्यावरणप्रेमियों का सवाल है कि यदि किसी उद्योग में अचानक अनियमितता सामने आती है तो अधिकारी समय पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कैसे करेंगे? वहीं निर्धारित अवधि में उद्योगों की नियमित जांच भी प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
चंद्रपुर एमपीसीबी कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर समय-समय पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। कुछ पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में अधिकारियों की अनुपस्थिति एवं कामकाज को लेकर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत करने की जानकारी दी है। साथ ही क्षेत्रीय अधिकारी की संपत्ति की जांच की मांग भी किए जाने की बात सामने आई है। पूर्व में विधायक सुधीर मुनगंटीवार द्वारा क्षेत्रीय अधिकारी के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की तैयारी किए जाने का मामला भी चर्चा में रहा है। हालांकि, इन आरोपों एवं शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।