Chandrapur Lalpeeth Mine: चंद्रपुर शहर से सटी हिंदुस्तान लालपेठ ओपनकास्ट खदान में केबल चोरी की जांच के दौरान पुलिस द्वारा ऑन-ड्यूटी कामगारों से कथित मारपीट का मामला सामने चर्चा में आया है। कामगारों का आरोप है कि संदेह के आधार पर पूछताछ के दौरान तीन कामगारों को लोकल क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों ने थप्पड़ जड़े। घटना के विरोध में 22 अगस्त की सुबह की पाली में कामगार संगठनों ने कुछ समय के लिए काम बंद कर खदान प्रबंधन का घेराव किया।
नतीजा सीएमडी का दौरा रद्द हो गया। वहीं कामगार पुलिस पर उचित कार्रवाई करने की मांग पर अड़े है। हालाकि 24 घंटे बाद भी पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जिससे इस मामले पर संदेह व तरह तरह की चर्चाएं जारी है। जानकारी के अनुसार, 19 अगस्त की रात खदान से करीब 86 हजार रुपए की केबल चोरी हुई थी। सुरक्षा रक्षक ने 20 अगस्त को शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया। इसके बाद 21 अगस्त को स्थानीय अपराध शाखा की टीम चोरी की जांच के लिए खदान परिसर में पहुंची।
जांच के दौरान संदेह के आधार पर एलसीबी की टीम व्दारा ऑन-ड्यूटी कामगारों से पूछताछ की गई। इसी दौरान तीन कामगारों को कथित रूप से थप्पड़ मारे जाने का आरोप है। घटना की जानकारी मिलते ही कामगार संगठनों के पदाधिकारियों ने 22 अगस्त की सुबह की पाली में काम रुकवा दिया और खदान प्रबंधन के सामने नाराजगी जताई।
संगठनों का कहना है कि चोरी की जांच करना पुलिस का अधिकार है, लेकिन आरोप साबित होने से पहले किसी कामगार के साथ मारपीट या दबाव बनाना उचित नहीं है। खदान प्रतिबंधित क्षेत्र में आती है और यहां होने वाली घटनाओं की जिम्मेदारी वेकोलि प्रबंधन की भी है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।