Chandrapur Power Irai Dam News: कम बारिश के कारण राज्य में बिजली की मांग बढ़ गई है, जबकि चंद्रपुर के इराई बांध में जलस्तर भी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में CTPS प्रशासन अगले ग्रीष्मकाल में बिजली उत्पादन प्रभावित न हो, इसके लिए बांध के पानी की खपत कम करने की योजना पर काम कर रहा है।
गणेश विसर्जन के लिए इराई नदी में पानी छोड़ने पर भी अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
राज्य में इस बार हुई अत्यल्प बारिश का असर अब बिजली की मांग पर भी दिखाई दे रहा है। बारिश के मौसम में आमतौर पर बिजली की खपत कम होती है, लेकिन इस बार वातावरण में नमी कम होने से घरेलू बिजली की खपत बढ़ी है। वहीं, नदी, नालों और तालाबों में पानी की कमी के कारण कृषि कार्यों के लिए भी बिजली की मांग बढ़ गई है।
चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन (CTPS) के मुख्य अभियंता अनिल काथोये ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में बताया कि फिलहाल पूरे राज्य में बिजली की मांग बढ़ी हुई है। इसे देखते हुए चंद्रपुर बिजलीघर से अधिक से अधिक उत्पादन लेने का प्रयास किया जा रहा है।
काथोये ने स्पष्ट किया कि मौजूदा जलस्तर को देखते हुए CTPS प्रशासन इस बार गणेश विसर्जन के लिए इराई नदी में पानी छोड़ने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, जिलाधिकारी वसुमना पंत ने पत्र देकर गणेश विसर्जन के लिए नदी में पानी छोड़ने का अनुरोध किया है। इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
इराई बांध के पानी की खपत कम करने के लिए CTPS प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की है। बिजली उत्पादन में बांध के पानी पर निर्भरता कम करने के लिए मनपा से मिलने वाले ट्रीटेड वेस्ट वाटर के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। मनपा की ओर से CTPS को प्रतिदिन करीब 50 एमएलडी पानी दिया जा रहा है। इसके अलावा CTPS की निवास कॉलोनी में भी पानी बचाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य अभियंता के अनुसार, इराई बांध में फिलहाल 206.500 मीटर जलस्तर है, जबकि बांध की जलसंग्रहण क्षमता 207.500 मीटर है। इस मौसम में बांध एक बार भी पूरी तरह नहीं भर पाया। न ही ओवरफ्लो के कारण बांध के दरवाजे खोलने की स्थिति बनी।
ऐसे में यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है, तो बिजली उत्पादन के लिए इराई बांध के पानी का नियोजनबद्ध इस्तेमाल करना जरूरी होगा, ताकि अगले ग्रीष्मकाल में बिजलीघर के उत्पादन पर असर न पड़े।
चंद्रपुर शहर में बढ़ी बिजली मांग को देखते हुए बिजलीघर की यूनिटों के सालाना मेंटेनेंस का टाइमटेबल भी आगे बढ़ाया गया है, ताकि अधिक से अधिक समय तक उत्पादन जारी रखा जा सके।
इसी दौरान CTPS परिसर से कॉपर वायर चोरी की हालिया घटना पर भी मुख्य अभियंता ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और दोषी पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर चोरी हुई, वहां की सुरक्षा जिम्मेदारी CISF के दायरे में नहीं आती।