Maharashtra Summer Alert News: चंद्रपुर पिछले सप्ताह से गर्मी की तीव्रता अचानक बढ़ गई है और तापमान में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। चंद्रपुर जिला गर्मी के मामले में हमेशा अग्रणी रहा है। ऐसे में नागरिकों को लू (उष्माघात) से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यह अपील जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी।सी। ने की। बुधवार (11 मार्च) को जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में वे बोल रहे थे।
इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह, मनपा आयुक्त अकुनूरी नरेश, निवासी उपजिलाधिकारी दगडू कुंभार, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. महादेव चिंचोले, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कटारे तथा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सलीम शेख सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी गौड़ा ने कहा कि दिन और रात दोनों समय गर्मी बढ़ रही है और तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यस्थलों पर ठंडे पेयजल की व्यवस्था की जाए। साथ ही दोपहर 12 से 4 बजे के बीच किसी भी प्रकार के शासकीय कार्यक्रम आयोजित न किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार नागरिकों की विशेष देखभाल की जाए। लू से बचाव के संबंध में हर स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके अलावा शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि स्कूल और आंगनवाड़ी के समय में आवश्यक बदलाव किया जाए।
निर्माण स्थलों पर ठंडे पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है। मजदूरों को दोपहर 12 बजे से शाम 4:30 बजे तक तेज धूप में काम नहीं कराया जाए। काम का समय इस प्रकार तय किया जाए कि अधिकतर कार्य सुबह के समय पूरा हो सके, मजदूरों को प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पीने, साथ ही मीठा छाछ, पन्हा, कोकम शरबत जैसे पेय पदार्थ लेने की सलाह दी गई है। भोजन में ताजा भोजन, चावल रोटी, भात की पेज, हरी सब्जियां और फलों का समावेश करना चाहिए।
गर्मी में बढ़ते तापमान के कारण उष्माघात (हीट स्ट्रोक) की घटनाओं में वृद्धि की आशंका को देखते हुए चंद्रपुर जिले में उष्माघात नियंत्रण कार्य योजना लागू की जा रही है। इसी के तहत सहायक श्रम आयुक्त, चंद्रपुर ने निर्माण क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों, मालिकों, नियोक्ताओं और ठेकेदारों से आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
गर्मी के मौसम में तेज तापमान का मानव शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और कई बार उष्माघात के कारण जान का खतरा भी हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस होता है। इसी समय भवन निर्माण और उससे संबंधित कार्य भी बड़े पैमाने पर चलते हैं, इसलिए मजदूरों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करना आवश्यक है।
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