Fertilizer Licenses Suspended In Chandrapur: किसानों के लिए आवश्यक खाद, बीज और कीटनाशकों की बिक्री में नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। वर्ष 2026-27 में जिले के 40 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, जबकि चार विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। इसके अलावा कीटनाशक बिक्री में नियमों का उल्लंघन करने पर एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित और एक का रद्द किया गया है। एक बीज विक्रेता का लाइसेंस भी रद्द किया गया है। खाद विक्रेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई में खाद (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का उल्लंघन सामने आया।
नियमों के उल्लंघन की गंभीरता के अनुसार विक्रेताओं के लाइसेंस 15 दिन से लेकर तीन महीने तक निलंबित किए गए हैं। इससे जिले के कृषि निविष्ठा बिक्री केंद्रों पर नियमों के पालन को लेकर अब अधिक सख्ती अपेक्षित है।निलंबित किए गए खाद विक्रेताओं में राजुरा, मूल, कोरपना, गोंडपिपरी, चंद्रपुर, भद्रावती, चिमूर, नागभीड़, जिवती, वरोरा, सावली, ब्रह्मपुरी, सिंदेवाही और बल्लारपुर तहसील के विक्रेता शामिल हैं। कार्रवाई के व्यापक दायरे से स्पष्ट है कि नियमों के उल्लंघन के मामले जिले के विभिन्न हिस्सों में सामने आए हैं।
इस बीच तिरुमला एग्रो एजेंसी, कोरपना; सेवा सहकारी संस्था, गेवराबुज; कास्तकार कृषि केंद्र, व्याहाड खुर्द और विराज एग्रो, भद्रावती इन चार खाद विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। इनमें विराज एग्रो का बीज बिक्री लाइसेंस भी रद्द किया गया है।
कीटनाशक बिक्री में नियमों के उल्लंघन के मामले में भगवती कृषि केंद्र, पाथरी (तहसील सावली) का लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया गया है। वहीं विराज एग्रो, भद्रावती का कीटनाशक बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
खाद, बीज और कीटनाशक कृषि सीजन की महत्वपूर्ण निविष्ठाएं हैं। बिक्री प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं होने पर इसका सीधा असर किसानों की खरीद पर पड़ सकता है। विशेष रूप से बीज की अंकुरण क्षमता, खाद की गुणवत्ता अथवा कीटनाशक की प्रभावशीलता पर संदेह होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए किसानों को कृषि निविष्ठाएं खरीदते समय विक्रेता से पक्की रसीद लेना, उत्पाद का नाम एवं विवरण जांचना और खरीद का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना आवश्यक है। उत्पाद की गुणवत्ता या बिक्री प्रक्रिया को लेकर संदेह होने पर कृषि विभाग से शिकायत की जा सकती है।
14 तहसीलों के विक्रेता कार्रवाई के दायरे में राजुरा, मूल, कोरपना, गोंडपिपरी, चंद्रपुर, भद्रावती, चिमूर, नागभीड़, जिवती, वरोरा, सावली, ब्रह्मपुरी, सिंदेवाही और बल्लारपुर इन 14 तहसीलों के खाद विक्रेताओं के खिलाफ लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है। नियम उल्लंघन के मामलों के अनुसार निलंबन की अवधि 15 दिन से तीन महीने तक है।
चंद्रपुर जिला कृषि अधीक्षक अधिकारी शंकर तोटावार ने कहा कि “खाद, बीज और कीटनाशकों की बिक्री करते समय शासन के नियमों का पालन करना विक्रेताओं के लिए अनिवार्य है। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।किसान अधिकृत विक्रेताओं से ही कृषि निविष्ठाएं खरीदें और उसकी पक्की रसीद लें। निविष्ठाओं की गुणवत्ता अथवा बिक्री प्रक्रिया को लेकर कोई शिकायत हो तो कृषि विभाग के संज्ञान में लाएं।”