Bachchu Kadu In Chandrapur: बच्चू कडू के नेतृत्व में चंद्रपुर जिले की महिलाओं, युवाओं, दिव्यांगों, किसानों, परियोजनाग्रस्तों और आम नागरिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में जिले के नागरिकों की समस्याओं, लंबित मांगों तथा शासन-प्रशासन से अपेक्षित उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। नागरिकों के न्यायसंगत अधिकारों और मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए आगामी समय में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक संघर्ष करने का संकल्प लिया गया।
चंद्रपुर जिला औद्योगिक एवं खनिज संपदा की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं।
सम्मेलन में जिले के विभिन्न औद्योगिक एवं विकास परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ठोस उपाय करने की मांग की गई। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) से संबंधित परियोजनाओं के कारण प्रभावित होने वाले किसानों, परियोजनाग्रस्त नागरिकों, जमीन मालिकों और उनके परिवारों की विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा हुई। परियोजनाग्रस्तों को उचित मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार के अवसर तथा उनके अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
सम्मेलन में दिव्यांग नागरिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ दिलाने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, शिक्षा और कौशल विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने तथा सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों और विभिन्न सेवाओं में उनके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
महिलाओं के रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सुरक्षित वातावरण के मुद्दों पर भी सम्मेलन में चर्चा हुई। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों की महिलाओं तक सरकारी योजनाओं और रोजगार के अवसरों का लाभ पहुंचाने की आवश्यकता व्यक्त की गई। वहीं, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने, कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, उद्योग एवं व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देने तथा युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने की मांग की गई।
सम्मेलन में कहा गया कि चंद्रपुर जिले की जनता के न्यायसंगत अधिकारों और मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रशासन से संपर्क और मांगों का पीछा किया जाएगा। नागरिकों की समस्याओं को मजबूती से उठाते हुए उन्हें न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया। सम्मेलन के आयोजन की जिम्मेदारी शिवसैनिक ललित कासट और कामगार नेता रोशन हर्बडे ने संभाली। कार्यक्रम में मंच पर हर्षल शिंदे, संजय देशमुख, प्रवीण हेंदवे, मुकेश जीवतोडे, युवराज धानोरकर, बंडू हजारे, नितीन मते, प्रतिमा ठाकुर, शैलेश केलझलकर, शेरखान पठान, संतोष पारखी, महेश डोंगर, भरत गुप्ता, अमोल मांढरे, अमित यादव, आमिष पिले, नथु नवले, निरुदिन पटेल और संतोष बिडकर सहित अन्य उपस्थित रहे।