Bramhapuri Boundary Expansion: चंद्रपुर शहर के तेजी से हो रहे विस्तार, बढ़ती आबादी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए ब्रह्मपुरी नगर परिषद की सीमा विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है। नगर परिषद की सीमा में खेड (मक्ता), नवेगांव (मक्ता) और उदापुर इन तीन गांवों को शामिल करने की दिशा में प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में संबंधित ग्राम पंचायतों को प्रस्ताव भेजकर उनके ठराव और अभिमत मांगे गए हैं। नगर परिषद की 30 अप्रैल 2026 को हुई सामान्य सभा में सीमा विस्तार को लेकर विशेष प्रस्ताव मंजूर किया गया था। इसी प्रस्ताव के आधार पर नगर परिषद ने 14 अगस्त 2026 को उदापुर ग्राम पंचायत को पत्र भेजा है।
इसी तर्ज पर खेड और नवेगांव को लेकर भी आगे की प्रक्रिया की जाएगी। शामिल होने पर मिलेंगी बेहतर नागरिक सुविधाएंः नगर परिषद प्रशासन के अनुसार, यदि इन गांवों को नगर परिषद में शामिल किया जाता है तो संबंधित क्षेत्रों में नियोजित विकास, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं का विस्तार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। सीमा विस्तार की प्रक्रिया में संबंधित ग्राम पंचायतों का प्रस्ताव और स्थानीय नागरिकों के सुझाव महत्वपूर्ण होंगे। इसलिए ग्राम पंचायतों के निर्णय के साथ ही नागरिकों की आपत्तियों और सुझावों को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल तीनों गांवों को नगर परिषद में शामिल करने का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यह प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है। नगर परिषद प्रशासन आवश्यक जानकारी, संबंधित रिपोर्ट, ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव तथा नागरिकों की आपत्तियां और सुझाव एकत्र कर शासन को भेजेगा। इसके बाद शासन के नियमों और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा नगर परिषद की सीमा बढ़ाने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ब्रह्मपुरी शहर के भविष्य के विस्तार को देखते हुए सीमा बढ़ाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आसपास के गांव नगर परिषद में शामिल होने पर शहर को अतिरिक्त भौगोलिक क्षेत्र मिलेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं, कचरा प्रबंधन, नाली व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओ का संतुलित विस्तार करने में मदद मिल सकती है। अब इस प्रस्ताव पर तीनों ग्राम पंचायतों के साथ स्थानीय ग्रामीण क्या रुख अपनाते हैं, इस पर पूरे तालुका की नजर है।
ब्रह्मपुरी नगर परिषद मुख्याधिकारी डॉ. माधुरी सलामे ने कहा कि "सीमा विस्तार का विषय शहर के भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। शहरीकरण के कारण नए क्षेत्रों को शामिल करने पर वहां सड़क, पानी और स्वच्छता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना आसान होगा। नागरिकों के सुझाव-आपत्तियों, प्रशासनिक एवं आर्थिक प्रभाव तथा नगर परिषद की क्षमता का अध्ययन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।"