ताडोबा में बाघिन छोटी तारा व उसके दो शावक (फोटो नवभारत) 
चंद्रपुर

ताडोबा में पहले ही दिन हुए 'छोटी तारा' के दर्शन, पर्यटकों के लिए खुले टाइगर रिजर्व के गेट

Chandrapur News: ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में 1 अक्टूबर से पर्यटन सत्र का शुभारंभ हुआ। पहले दिन पर्यटकों को तारा बाघिन व शावकों समेत कई वन्यजीवों को देखने का मौका मिला।

आकाश मसने

Tadoba-Andhari Tiger Reserve News: चंद्रपुर जिले में स्थित ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के सभी मुख्य प्रवेश द्वारों पर बुधवार 1 अक्टूबर से नए पर्यटन सत्र का उत्साहपूर्वक शुभारंभ हुआ। बुधवार शुरू हुए वन्यजीव सप्ताह के अवसर पर यहां विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। ताडोबा के मुख्य क्षेत्र में मानसून के कारण जुलाई से सितंबर तक पर्यटन बंद रहता है।

बुधवार की सुबह सभी मुख्य प्रवेश द्वारों पर नारियल के पेड़ लगाकर नए पर्यटन सत्र का शुभारंभ किया गया। कई पर्यटकों को पहले ही दिन छोटी तारा बाघिन एवं उसके शावक, जंगली भैसा, हिरन समेत अन्य वन्यजीवों के दर्शन हुवे जिससे कई पर्यटकों ने संतोष व्यक्त किया।

इस अवसर पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, प्रकृति मार्गदर्शक, जिप्सी चालक, स्थानीय ग्रामीण और रिसॉर्ट प्रतिनिधि उपस्थित थे। नए सत्र की पहली सफारी पर गए पर्यटकों का गुलाब के फूलों से स्वागत किया गया। बुधवार की सुबह से ही पर्यटकों में पहली सफारी का उत्साह देखा गया।

पर्यटकों ने लिया सफारी का आनंद

सभी पर्यटक एक दूसरे से जंगल में उपजे हरे भरे सौंदर्य की चर्चा में डूबे हुए थे। तो कुछ पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता में फोटो निकालने में व्यस्त थे। प्राकृतिक जंगल में सफारी के दौरान पर्यटकों ने सफारी का आनंद लिया।

ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के गेट पर लगी पर्यटकों की भीड़ (फोटो नवभारत)

छोटी तारा और 2 शावक दिखे

इस बीच चंद्रपुर शहर निवासी पर्यटक मिलींद दिंडेवार को ताडोबा में सफारी के दौरान छोटी तारा एवं 2 शावक के दर्शन हुए। छोटी तारा एवं उसके शावक, तारा बाधिन की तरह शानदार चाल में जंगल मार्ग से मार्गक्रमण करते हुए पाए गए।

पर्यटकों उनकी चाल एवं उनकी हर एक हरकतों को अपने कैमेरे में कैद कर लिया। इसी बची उन्हे जंगली भैसा, हिरण के दर्शन हुवे। छोटी तारा एवं शावक के दर्शन से उनके समेत अन्य पर्यटकों ने संतोष व्यक्त किया।

श्रमदान से किया गया बांध का निर्माण

वन्यजीव सप्ताह का भी आज शुभारंभ हुआ। सप्ताह के पहले दिन मोहोली, मूल, करवन, काटवन, पहामी, पेठ, हल्दी आदि गाँवों में जागरूकता पैदा करने के लिए बैनर लगाए गए। साथ ही, पद्मापुर, आगरझरी, अडेगांव, टेकाड़ी, झाड़ी/पेठ, फुलझरी, मारोडा आदि गांवों में स्वच्छता अभियान चलाया गया।

मोहोर्ली में नौकायन पर्यटन का उद्घाटन किया गया, जबकि पद्मापुर में श्रमदान से वन बांध का निर्माण किया गया। वन्य जीव सप्ताह के अवसर पर अगले सप्ताह के लिए वन विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया है।

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