बदलापुर: बदलापुर में दो छोटी बच्चियों के साथ हुई अमानवीय घटना के बाद जिस तरह से शहर की जनता ने घटना का विरोध किया व दुष्कर्मी को फांसी व स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई मांग का अब असर होता दिखाई दे रहा है। इस केस की जांच के लिए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आदेशानुसार गठित विशेष जांच समिति (एसआईटी) ने शुक्रवार को बदलापुर के आदर्श विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया है एवं यह कार्रवाई पॉक्सो एक्ट के तहत की गई है।
ऊक्त घटना 13 अगस्त की है, शुरू में पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के दबाव में मामला पंजीकृत नहीं किया उल्टे पीड़िता की मां को पुलिस स्टेशन से भगा दिया, पीड़ित परिवार को एक महिला पत्रकार ने मदद की व अपराध दर्ज कराने में पत्रकार को भी पूरे 11 घंटे लगे। आखिर में 16 अगस्त की देर रात 1 बजे आरोपी अक्षय शिंदे के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
इस मामले को पुलिस किस तरह दबाने व लीपापोती करने की कोशिश कर रही जब यह लोगों को पता चला तो दूसरे दिन सेंकडों अभिभावक व शहर के नागरिक 20 अगस्त को स्कूल पहुंचे ओर धरना दिया व बाद में रेल रोको में तब्दील हो गया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। तकरीबन 10 घंटे का रेल रोको व इस दरम्यान लोकल सेवा ठप रही थी।
इस मामले पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया है व सरकार व पुलिस को जमकर फटकार लगाई व टिप्पणी की कि क्या स्कूल में छात्रों की सुरक्षा स्कूल की जिम्मेदारी नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज करने में इतनी देर क्यों की। इसके बाद अब एसआईटी ने स्कूल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
एसआईटी ने कहा है कि मामले की जानकारी मिलने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई, एसआईटी ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पॉस्को के अधिनियम की अनुसूची 21 के तहत मामला दर्ज किया है। बदलापुर के नागरिकों ने इस मामले में स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है इसके अलावा स्थानीय नेताओं और विपक्षी दल के नेताओं ने भी इसकी मांग की थी। जिसके बाद अब एसआईटी ने यह कदम उठाया है।