

नागपुर: कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने नागपुर में प्रेस काॅन्फेंस के दौरान भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला किया है। उन्होंने भाजपा और औरएसएस पर महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर चुप रहने का आरोप लगाया है। बदलापुर के एक स्कूल में यौन उत्पीड़न के मामले और कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर की कथित रूप से बलात्कार के बाद हत्या मामले को लेकर शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की।
ठाणे जिले के बदलापुर में एक विद्यालय में 11 और 12 अगस्त को एक सफाईकर्मी ने दो बच्चियों का यौन उत्पीड़न किया था। उसके विरोध में इलाके में जबर्दस्त प्रदर्शन हुआ और ट्रेन सेवाएं 10 घंटे से अधिक समय तब बाधित रहीं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ‘‘महाराष्ट्र सरकार अगर संवेदनशील होती तो इस घटना को दबाने की कोशिश नहीं करती। यहां तक कि उसने विपक्ष की गहन जांच की मांग को भी नाटक करार दिया। जिस स्कूल की बात हो रही है, उसके बोर्ड में भाजपा के कुछ नेता हैं।''
कांग्रेस प्रवक्ता नायक ने बदलापुर और कोलकाता की घटनाओं पर ‘चुप्पी' साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को भी निशाना बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की ‘महिला-विरोधी मानसिकता' है। उन्होंने कहा कि वे अपने भाषणों में तो ‘नारी शक्ति' की बात करते हैं लेकिन ऐसे भयंकर अपराधों पर चुप्पी साध लेते हैं।
नौ अगस्त को कोलकाता में आर जी कर अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर की कथित रूप से बलात्कार के बाद हत्या के खिलाफ देशभर में लोगों का आक्रोश फूट पड़ा था। इस घटना के खिलाफ रेजिडेंट डॉक्टर पिछले एक सप्ताह से हड़ताल पर थे। नायक ने बदलापुर की घटना के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज करने में देरी के लिए एकनाथ शिंदे सरकार पर निशाना साधा और कहा कि लोगों के सड़कों पर उतरने के बाद ही जांच आगे बढ़ी। उन्होंने कहा कि बंबई उच्च न्यायालय ने भी पुलिस को उसकी निष्क्रियता के लिए फटकार लगाई थी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)